जेल में बंद किसानों की रिहाई की मांग को लेकर आज किसानों को रेलवे ट्रैक पर बैठे आठ दिन हो गए। किसानों के प्रदर्शन की वजह से रेलवे को काफी नुकसान पहुंच रहा है। न सिर्फ रेलवे को बल्कि ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। आज अंबाला रेल मंडल (Ambala Railway Division) से 1216 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। जिसमें से 552 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। जबकि 553 ट्रेनों को दूसरे मार्ग से डायवर्ट कर चलाया जा रहा है। वहीं 111 ट्रेनें कुछ दूर तक ही जाएंगी।
ट्रेनें रद्द होने की वजह से यात्रियों को भारी सामना करना पड़ रहा है। अंबाला रेल मंडल (Ambala Railway Division) के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने बताया की आज सुबह तक 1216 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। जिसमें से 552 ट्रेनों को कैंसल किया गया है और 111 ट्रेनें अल्पावधि में शुरू होगी। वहीं 553 ट्रेनों को दूसरे मार्ग से डायवर्ट करके चला दिया गया है। उन्होंने बताया कि 117 माल गाड़ियां भी प्रभावित हुई हैं। इस आंदोलन से हुए नुकसान का अभी तक आकलन नहीं किया गया लेकिन आन्दोलन का प्रभाव दूसरे रेल मंडलों पर भी पड़ रहा है।
वही रेल यात्रियों का कहना है कि कई घंटो तक उन्हें रेल गाड़ियां नहीं मिल रही है। ऐसे में अगर वह लोग बस में सफर करते है तो उसके लिए भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जिस कारण वह अपनी मंजिल पर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोगों ने सरकार से यह अपील भी कि है की जल्द से जल्द रास्ते खुलवाए जाए। बता दें कि किसान संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक को जाम कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे।