दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले (Delhi Liquor Policy Scam case) में अब इलेक्टोरल बॉन्ड (electoral bonds) का लिंक भी जोड़ा जा रहा है। कथित तौर पर हुए इस घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) जेल में हैं। जबकि इस मामले में आप नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से जमानत मिल गई है।
संजय सिंह (Sanjay Singh) ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इस घोटाले के तार इलेक्टोरल बॉन्ड (electoral bonds) से जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। संजय सिंह (Sanjay Singh) ने कहा कि कितने सुनियोजित तरीके से लोगों से छुपाकर बीजेपी सरकार ने ये घोटाला किया ये अब सामने आ गया है। ये सब इलेक्टोरल बांड के रूप में हुआ है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सब सामने लाकर रख दिया।
संजय सिंह ने कहा कि 33 ऐसी कंपनीज हैं जिनके सात साल में एक लाख करोड़ का घाटा हुआ, इन कंपनीज ने 450 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। इनमें से 17 कंपनीज ने या तो टैक्स दिया ही नहीं या इन्हें टैक्स में छूट मिली है। वहीं, 6 कंपनी ऐसी हैं, जिन्होंने बीजेपी को 600 करोड़ दिया है। पर्ल डेवेलपर्स ने 10 करोड़ बीजेपी को दिया, जबकि उसे 1550 करोड़ का घाटा हुआ, उसे टैक्स रिवेट 4.7 करोड़ मिला है।
संजय सिंह ने कहा कि, उजिया फार्मा ने 15 करोड़ बीजेपी को दिया, इसे घाटा हुआ 28 करोड़ का, टैक्स में छूट 7 करोड़ 20 लाख का मिला। एक कंपनी ने अपने मुनाफे से तीन गुना चंदा दिया है। एक कंपनी ने अपने मुनाफे का 93 गुण चंदा दिया है। तीन कंपनी ऐसी हैं जिन्होंने 28 करोड़ का चंदा दिया, लेकिन एक रुपया टैक्स नहीं दिया।
भारती एयरटेल को 77 हज़ार करोड़ का घाटा है, इस कंपनी ने 200 करोड़ दिया बीजेपी को। टैक्स में इसको छूट दिया गया 8 हज़ार करोड़। DLF को 130 करोड़ का घाटा हुआ और इसने बीजेपी को 25 करोड़ रुपया दिया। इसको 20 करोड़ रुपये की टैक्स छूट मिली। स्टील स्टेटेक ने 12 करोड़ का चंदा दिया। इसे 150 का घाटा हुआ है और इसको एक करोड़ से अधिक की टैक्स छूट मिली है।
धारीवाल इंफ्रा का घाटा 299 करोड़ का है और इसने बीजेपी को 25 करोड़ रुपये दिए, 0 टैक्स दिया। छह कंपनी ऐसी हैं जिन्होंने अपने मुनाफे से ज्यादा बीजेपी को दिया।