प्रयागराज एलेक्सा से रेलवे की जानकारी देने वाला बना देश का पहला जंक्शन

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File Photo

आधुनिक युग के बदलते भारत में अब ‘एलेक्सा ‘ (Alexa) का प्रयोग रेलवे ने भी करना शुरू कर दिया है। जी हां अब रेलवे के रनिंग स्टाफ को रेल संरक्षा संबंधी नियमावली और अन्य अहम जानकारियाँ ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ के द्वारा मिलेंगी। इसकी शुरुआत प्रयागराज जंक्शन से हुई है। इस प्रकार की शुरुआत के बाद प्रयागराज देश का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन बन गया है। शनिवार को प्रयागराज पहुंचे चेयरमैन रेलवे बोर्ड वीके त्रिपाठी ने जब ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ की खूबियां जानी तो उन्होंने उस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले रेलकर्मियों की सराहना की। यह भी कहा कि इसका प्रयोग देश के अन्य रेलवे स्टेशन पर भी किया जाएगा। इस दौरान सीआरबी ने ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ का अनावरण भी किया। आपको बता दें कि रेलवे जंक्शन पर रनिंग स्टाफ को रेल संरक्षा संबंधी नियमावली एवं अन्य जानकारियों के लिए अफसरों या वरिष्ठ कर्मचारियों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

इस समस्या को देखते हुए इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ तैयार किया गया। यह लोको पायलटों और गार्डों के लिए एक कंप्यूटर आधारित परामर्श प्रणाली है, इसे ध्वनि नियंत्रण के माध्यम से संचालित किया जाएगा।इसके सामने खड़े होकर रेलकर्मी संरक्षा आदि से जुड़े जो भी सवाल पूछेंगे उसका जवाब उन्हें एलेक्सा द्वारा बोल कर दिया जाएगा।

प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद सीआरबी ने एनसीआर मुख्यालय में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा किए जाने को लेकर उत्तर मध्य रेलवे के दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुुंबई रेलमार्ग में किए जा रहे कार्यों के बारे में उन्होंने जानकारी ली। यहां अफसरों ने बताया कि अगले दो वर्ष के भीतर एनसीआर के इन दोनों रेलमार्गों में ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की हो जाएगी।