कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान वह एक के बाद एक ऐसा बयान दे रहे हैं, जिससे राजनितिक गलियारों का माहौल खूब गरमाया हुआ है। अब राहुल गांधी ने इंडियन मुस्लिम लीग पार्टी को ‘पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष कह कर नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर हमला करते हुए कहा कि, यह ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ था कि कुछ लोग देश में अभी भी मुस्लिम लीग का समर्थन करने वाले व्यक्ति को धर्मनिरपेक्ष मानते है। वहीं, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे राहुल गांधी की मजबूरी बताया।
किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने पूछा कि मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए ‘जिम्मेदार’ थी, एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी कैसे हो सकती है? बता दें कि, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ की सहयोगी है। संसद से अयोग्य घोषित किए जाने से पहले राहुल गांधी वायनाड से लोकसभा सांसद थे। वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस के गठबंधन पर एक सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मुस्लिम लीग पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। मुस्लिम लीग के बारे में कुछ भी गैर-धर्मनिरपेक्ष नहीं है।”
वही अमित मालवीय ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग, “जो धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार पार्टी है, राहुल गांधी के अनुसार एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टी है। राहुल गांधी भले ही कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन वे यहां कपटी और कुटिल हैं…वायनाड में स्वीकार्य रहना भी उनकी मजबूरी है।”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुस्लिम लीग वाली टिप्पणी पर कहा कि, “यह (राहुल गांधी का बयान) बहुत दुखद है। भारत के लोग कभी भी विदेशी धरती पर देश का अपमान स्वीकार नहीं करेंगे।”