कौशाम्बी: स्कूली बस फिर हुई हादसे की हुई शिकार

किसी का फटा सिर तो किसी का टूटा हाथ

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Kaushambi: चरवा थाना क्षेत्र के बरियावा गांव के पास फिर छात्रों को स्कूल ले कर जा रही एक स्कूल बस फिर हादसे का शिकार हुई है। तेज गति बस सड़क किनारे गड्ढे में घुस गई, जिससे बस पलटने से बच गई लेकिन बस तिरछी हो गई जिससे बस में उथल-पुथल मच गई। बस के अंदर सवार बच्चे इधर उधर लुढ़क गए, जिससे बस में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव एवं राहत कार्य में लग गए। मामले की जानकारी मिलते ही स्कूली बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। जिनमे प्रबंधन तंत्र के विरुद्ध आक्रोश देखा जा रहा है। चोटील बच्चों को इलाज कराने अपने साथ लेकर परिजन चले गए है।

बताया जाता है कि चौराडीह के ग्लोबल स्कूल की बस बुधवार की सुबह स्कूली बच्चों को लेकर बरियावा से चौराडीह स्कूल जा रही थी लेकिन जैसे ही बरियावा गांव के बाहर बस पहुँची कि सामने से आ गए दूसरे वाहन को देखकर बस चालक ने बस रोकने के बजाय उसी गति से बस को आगे बढ़ा दिया। स्कूल बस के चालक की लापरवाही के बाद भी संयोग अच्छा था कि दो वाहनों का आपस में टक्कर नहीं हुई, वरना बड़ी दुर्घटना हो जाती। बस चालक की लापरवाही से सड़क किनारे पटरी पर बस चली गई और पटरी के दलदल में बस का पहिया फस गया जिससे बस टेढ़ी हो गई है। हालांकि बस पलटने से बच गई है लेकिन हादसे में दर्जनों छात्र चोटील हो गए हैं।

इसके पहले भी महेवाघाट मंझनपुर (Manjhanpur) सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली बस हादसे का शिकार हो चुकी है लेकिन उसके बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी स्कूली बस की जांच पड़ताल कर योग्य चालकों के हाथ कमान नहीं सौप रहे हैं। नौसिखिया चालक के हाथ स्कूल मैनेजमेंट बस की कमान सौंप देता है, जिनके हाथ दर्जनों बच्चे को जिंदगी दांव पर लगी रहती है। वाहन किराए के नाम पर प्राइवेट स्कूल में अभिभावकों के जेब पर प्रबंधन तंत्र द्वारा डाका डाला जा रहा है लेकिन बच्चों की सुरक्षा के नाम पर स्कूल प्रबंधन तंत्र तनिक भी गंभीर नहीं है। आए दिन होने वाली स्कूल बस हादसे के मामले में प्रबंध तंत्र के कारनामे को गंभीरता से लेते हुए प्रबंध तंत्र पर मुकदमा दर्ज करा कर इनकी गिरफ्तारी कराए जाने की जरूरत है। यदि प्रबंध तंत्र की नकेल अधिकारियों ने कर्रा कर दी तो स्कूली बस के हादसों की संख्या में कमी आएगी।