Kaushambi: मृतक महिला के परिजनों ने मुख्यालय में जमकर मचाया हंगामा

मृतक महिला के परिजनों के नाम मुकदमा दर्ज कर निर्दोष परिजनों को गिरफ्तारी से भड़के लोगों ने कोतवाली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप।

0
25

यूपी के कौशाम्बी सैनी कोतवाली क्षेत्र के चक सैनी स्थित कथित प्रभा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कथित चिकित्सकों की लापरवाही से पूजा देवी पुत्री शिव आसरे की 11 जुलाई को मौत हो गई थी। मौत के बाद दुखी परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा काटा था। महिला मरीज की मौत के मामले में अपने को फंसता देख कर अस्पताल संचालक और उसके भाई ने साजिश रचना शुरु कर दिया और मृतक महिला के परिजनों पर ही लूट डकैती अपहरण अस्पताल में तोड़फोड़ मारपीट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया।

सैनी पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर अस्पताल संचालक चिकित्सकों के नाम एक सप्ताह बाद भी मुकदमा नहीं दर्ज किया है। बल्कि अस्पताल संचालक की तहरीर पर पुलिस ने 15 जुलाई को निर्दोष सदाशिव अशोक साजन गौरव को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यालय में आक्रोश प्रकट कर रहे लोगों ने बताया कि अरेस्ट किए गए व्यक्ति मुकदमे में वांछित भी नहीं है। चार दिनों से पुलिस निर्दोष पर जुल्म ज्यादती अत्याचार कर रही है। दबाव के बाद साजन और गौरव को पुलिस ने छोड़ दिया है।

2 दिन कोतवाली में रखने के बाद कहीं पुलिस अभिलेखों में लिखा पढ़ी पुलिस ने नहीं किया है लेकिन 4 दिनों से निर्देश सदाशिव और अशोक सैनी कोतवाली पुलिस की हिरासत में है। जहां उनके साथ पुलिसिया अत्याचार हो रहा है एक तरफ दोषी अस्पताल संचालक और उसके चिकित्सकों पर पुलिस द्वारा मुकदमा ना दर्ज करना बल्कि मृतक महिला के परिजनों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करने के विरोध में क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए और कई दर्जन महिलाओं ने जनपद मुख्यालय मंझनपुर में नारेबाजी कर सैनी कोतवाल पर हमलावरो को बचाने पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए सैनी कोतवाल को निलंबित करने की मांग की है।

कुछ सफेदपोश नेता दोषी अस्पताल संचालक और चिकित्सक को बचा रहे हैं और सफेदपोश के दबाव में सैनी कोतवाल कानून और नियम की धज्जियां उड़ा कर योगी सरकार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई दिनों से गिरफ्तार निर्दोषों को छोड़ने बेवजह मृतक के परिजनों को परेशान करने वाले कोतवाल पर कठोर कार्यवाही और अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग लोगों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की है।