बोकारो। जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र की एक महिला ने वैद्य द्वारा बताई गई जड़ी-बूटियों का सेवन करना महंगा पड़। जड़ी-बूटी खाने के बाद महिला की मौत हो गई। दोनों वैद्यों ने महिला के पति को भरोसा दिलाने के लिए दोनों वैद्यों ने भी जड़ी-बूटी का सेवन किया। इसके बाद महिला के पति ने भी वैद्य द्वारा दी गई दवा का सेवन किया और तीनों की तबीयत बिगड़ गई। दोनों वैद्यों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। दोनों लोगों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं महिला के पति को खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पेटरवार थाना क्षेत्र के ओरदाना पंचायत अंतर्गत जगुडीह गांव निवासी 65 वर्षीय रामचरण मांझी अपनी पत्नी 61 वर्षीय पत्नी उपासी देवी को लेकर गठिया रोग का इलाज कराने गांव के ही वैद्य लघनु बेदिया एवं राधेश्याम सोरेन के पास गए थे। जहां दो वैद्यों ने मिलकर महिला को रोटी में डालकर जड़ी-बूटी खिलाई और कहा कि आधा घंटा में दवा का असर दिखेगा।
आधे घंटे के अंदर बिगड़ी चारों की तबीयत
इस बीच वैद्यों ने रामचरण को कहा कि आप भी दवा खा लीजिए, किसी प्रकार का रोग होगा तो ठीक हो जाएगा। लेकिन रामचरण को भरोसा नहीं हुआ। जिसके बाद दोनों वैद्यों ने उसे भरोसा में लेने के लिए खुद दवा खाई। उसके बाद रामचरण ने दवा खा ली। थोड़ी देर बार चारों की तबीयत बिगड़ी। सभी को उलटी होने लगा। आनन-फानन में उन्हें सीएचसी पेटरवार ले जाया गया।
दोनों वैद्य की हालत चिंताजनक
सीएचसी में जांच के बाद डॉक्टर ने महिला का मृत घोषित कर दिया। वहीं, दोनों वैद्य की हालत गंभीर बताते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया व महिला के पति को भर्ती कर लिया गया। फिलहाल रामचरण की हालत ठीक बताई जा रही है। जबकि दोनों वैद्य की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी
थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि महिला के पति ने बताया है इन दोनों वैद्यों के द्वारा रोटी में जड़ी-बूटी पीसकर खिलाया गया था। जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। दोनों वैद्य ने भी विश्वास दिलाने के लिए दवाई खाई थी। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।