योगी सरकार जल्द ही एक शिक्षा आयोग का गठन करने वाली है| प्रदेश में शिक्षा आयोग के गठन को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जरुरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे| प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा सहित वरिष्ठ अधिकारी आयोग के गठन पर बातचीत करेंगे|
सूत्रों ने कहा कि उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को लेकर नए बदलाव और प्रारूप पर चर्चा होगी| केंद्र द्वारा लायी गई नई शिक्षा नीति के बाद उत्तर प्रदेश में शिक्षा आयोग के गठन की चर्चा स्टार्ट हो गई है|
स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली-परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध होगी
राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को स्ट्रांग करने के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार हर जिले के सभी कल्याण केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में 4,600 स्वास्थ्य एटीएम स्टार्ट करेगी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी हेल्थ एटीएम में लोगों की मदद के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज़ी से करनी स्टार्ट कर दी है| इसके स्टार्ट होने से मरीजों को सुविधाएं प्राप्त हो सकती है|
स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली-परामर्श की सुविधा भी मौजूद होगी| साथ ही राज्य के सभी पीएचसी और सीएचसी को एसजीपीजीआई से कनेक्ट किया जायेगा| वही, इन सबके शुरुआत होने के बाद मरीजों को अपनी छोटी – मोटी दिक्क्तों के लिए मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे|
उत्तर प्रदेश के अधिकतर सभी जिलों में इस वर्ष मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी स्टार्ट हो जाएगी| जहा इस साल उत्तर प्रदेश सरकार का पूरा फोकस स्वास्थ्य क्षेत्र, कानून व्यवस्था, पर्यटन, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर रहेगा| सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के साथ-साथ प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा भी प्राप्त हो सके|
राज्य की शिक्षा प्रणाली और अधिक बेहतर होगी
योगी सरकार इस साल नवीनतम तकनीकों की सहायता से राज्य की शिक्षा प्रणाली को स्मार्ट बनाने पर अधिक फोकस करेगी, बच्चों को बुनियादी, जूनियर और माध्यमिक स्तर पर स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी| जबकि प्रत्येक विद्यालयों को दो टैबलेट भी उपलब्ध कराये जायेंगे|
इसके अलावा, नए साल से बच्चों की चेहरे की रीडिंग के द्वारा उपस्थिति दर्ज की जाएगी| उन्होंने कहा कि 77 पाठ्यपुस्तकें क्यूआर कोड पर उपलब्ध होंगी, जबकि पाठ्यक्रम के पॉकेट चार्ट अध्यापको को दिए जायेंगे|
राज्य स्तर पर स्किल्ड इंडिया मॉनिटरिंग सेंटर की भी स्थापना की जाएगी और साथ ही बोर्ड परीक्षाओं को और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्र ले जाने वाले गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम भी लगा होगा और साथ ही उसकी रूट भी निर्धारित की जाएगी| इसके अलावा ग्रामीण इलाको में रह रहे लोगो की दिक्क्तों का भी सरकार समाधान करेगी|