कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का दावा है कि कानपुर ही नहीं बल्कि अपने पुराने गढ़ वाले शहरों को कतई नहीं छोड़ेंगे. अतीत में जहां-जहां कांग्रेस के सांसद रहे, वहां से इस बार पार्टी का ही उम्मीदवार होगा. हम अपनी विरासत को संभालने वालों में से हैं, उसे छोड़ जाने वालों में से नहीं हैं।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बारे में कहा कि वह अपनी पार्टी के नेताओं को क्या निर्देश देते हैं, क्या रणनीति बनाते हैं. यह उनका आतंरिक मामला है, इससे हमारा कोई लेनादेना नहीं है. कानपुर की जनता ने कांग्रेस को हमेशा पलकों पर रखा है। इसे कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. जिस शहर की जनता ने हमें इतना प्यार और सम्मान दिया, उसके बीच कांग्रेस उम्मीदवार नहीं होगा तो फिर कौन होगा. कानपुर के कांग्रेसियों से तैयारी में जुटने को कहा है. प्रदेश कमेटी में शामिल नेताओं पर भी कई जिम्मेदारियां दी गई हैं. कांग्रेस ही भाजपा को हराने की क्षमता रखती है।
कानपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का ही उम्मीदवार मैदान में होगा
शहर कांग्रेस उत्तर के अध्यक्ष नौशाद आलम ने भी कहा कि चाहे कुछ भी हो, लोकसभा चुनाव में कानपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का ही उम्मीदवार मैदान में होगा. सपा से स्ती होती है तो ठीक, नहीं होती है तभी भी पार्टी ही चुनाव लड़ेगी. हमारा इतिहास भी यही बताता है कि यहां की जनता ने कितना स्नेह दिया है ।
बनारस, मिर्जापुर, लखनऊ में भी हम तैयार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह पूरे राज्य का भ्रमण कर रहे हैं. जनता का विश्वास और स्नेह बताता है कि बदलाव की बयार है. बनारस, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर कांग्रेस का पुराना घर है. यहां से हम अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को जानने और निदान करने को कहा गया।