उत्तर प्रदेश: वाराणसी (Varanasi) को जिस प्रकार से रहस्यमयी बुखार एवं डेंगू ने जकड़ लिया है। सभी अस्पताल में मरीजों की तादाद लंबी कतार के साथ देखी जा सकती है। लोग इलाज और प्लेटलेट्स के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उसको देखते हुए सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ० प्रियंका तिवारी के नेतृत्व में मैदागीन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज के परिसर में छात्राओं के बीच रहस्मयी बुखार और डेंगू से बचाव के लिए एक जन जागरूकता अभियान चलाया गया।
वक्ताओं ने कहा कि बरसात के मौसम के बाद डेंगू तो अपना कहर बरपा ही रहा है, लेकिन उसके अलावा एक रहस्यमयी बुखार ने लोगों के साथ डॉक्टर लोगों को भी हैरान कर दिया है। जिसने हर घर में किसी न किसी सदस्य को अपना शिकार बनाया है। इसका प्रकोप इतना भयानक है कि इसके चपेट में आने के बाद मरीज का सारा शरीर असहनीय पीड़ा और बुखार की तपन से तड़प जाता है जोकि निरंतर कई दिनों तक रहता है। डॉक्टर भी हैरान और परेशान है कि आखिर इसका किस तरह से इलाज किया जाए। शरीर के सारे हड्डी और जोड़-जोड में असहनीय पीड़ा इसका प्रमुख लक्षण है। साथ ही बुखार के तपन, पूरे शरीर में सूजन एवं एलर्जी से मरीज परेशान रहता है।
लैब के पकड़ से बाहर इस रोग का इलाज डॉक्टर कभी चिकनगुनिया, कभी डेंगू, कभी मलेरिया के रूप में कर रहे हैं। जांच के नाम पर लोग पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। गौरतलब है कि इस बुखार का लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया से मिले जुले लक्षण हैं। ठंड देकर तेज बुखार आना बुखार का फिक्स हो जाना, सामान्य पेरासिटामोल से भी उसका ना उतरना, शरीर के सभी जोड़ों में असहनीय दर्द व अकडन होना, मांसपेशियों में असहनीय पीड़ा व अकड़न, तेज सिर दर्द होना, शरीर पर लाल रैशेज होना रक्त में तेजी से प्लेटलेट्स का गिरना आदि इसके मुख्य लक्षण है।