फतेहपुर जिले में बाइक सवार मां और बेटे की हादसे में मौत से लड़की पक्ष का भी हाल-बेहाल है। वह लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। उनके भी शादी के लिए संजोये अरमान टूट गए। हुसैनगंज थाने के बसोहनी निवासी महेंद्र पाल (26) चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
भाई रमेश, राजेश और चंटू हैं। महेंद्र की तीन साल पहले ही रेलवे में नौकरी लगी थी। भाई राजेश ने बताया कि शादी सात दिसंबर को मल्हीपुर गांव की खुशबू के साथ होनी थी। सारी तैयारियों हो चुकी थीं। उपहार की चीजें खरीदी जा चुकी थीं। हलवाई आदि बुक किए जा चुके थे।
लड़की पक्ष के लोग 30 नवंबर को तिलक लेकर आए थे। महेंद्र के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। हादसे में मां की मौत के बाद से घर में बुजुर्ग का सहारा नहीं बचा है। लड़की पक्ष के लोग भी मल्हीपुर गांव से बसोहनी पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद गंगा घाट किनारे मां और बेटे का अंतिम संस्कार हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शादी से पांच दिन पहले सड़क हादसे में युवक और उसकी मां की मौत हो गई। खुशियों की जगह घर में मातम छा गया। पुलिस ने हादसा करने वाले ट्रैक्टर को पकड़ लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। थाना क्षेत्र के बसोहनी गांव निवासी महेंद्र पाल (26) छत्तीसगढ़ के जिला विलासपुर के अनूपपुर में रेल विभाग में इलेक्ट्रिशियन के पद तैनात था।
उसकी सात दिसंबर को शादी थी। बरात हुसैनपुर के गांव मल्हीपुर जानी थी। शादी के लिए छुट्टी पर घर आया महेंद्र मां निर्मला (60) को लेकर शनिवार को शादी की खरीदारी करने निकला था। बाइक से दोनों रात को घर लौट रहे थे। सलेमाबाद गांव के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी।
हादसे में महेंद्र और निर्मला रोड पर गिर गए। मौके पर निर्मला की मौत हो गई। आसपास के लोगों ने घायल महेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया। रास्ते में महेंद्र की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला।
प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के भाई राजेश की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वो मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। पुलिस को मौके पर हेलमेट नहीं मिला है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।