Rampur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान के जौहर ट्रस्ट के द्वारा ली गई सरकारी जमीन एवं भवन की लीज को समाप्त करने के फैसले के बाद सियासत शुरू हो गई है।
आजम खान के करीबियों में शुमार रह चुके बागी नेता मशहूर अहमद मुन्ना ने अपने बेटे के साथ मिलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और अब हद तो तब हो गई जब पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र जिला पंचायत सदस्य तक तकमील अहमद ने बाकायदा अपने खून से पत्र लिखकर सरकार से लीज रद्द होने वाले भवन और जमीन को सरकारी घोषित करने की मांग कर डाली है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने 45 साल तक रामपुर में सांसद और विधायक के रूप में राजनीति की है और इस लंबे अरसे को आने वाले समय में आजम युग से जाना जाए तो यह कोई हैरत की बात नहीं होगी। आजम खान ने पिछली मुलायम सिंह यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहने के दौरान अपने जौहर ट्रस्ट के नाम पर 100 सालाना किराए के रूप में घनी आबादी के बीच में काफी कीमती जमीन को लीज पर लिया था।
आजम खान के द्वारा यहां पर बालिकाओं के लिए रामपुर पब्लिक स्कूल तो स्थापित किया गया ही है और उसके कुछ हिस्से में समाजवादी पार्टी का कार्यालय भी खोल दिया बस यहीं से शुरू हुई और इस लीज को शर्तों का उल्लंघन माना गया और इसके बाद इसे चंद रोज पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट के द्वारा निरस्त कर दिया गया है।
अब लीज निरस्त होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीति शुरू हो चुकी है। कभी उनके करीबियों में शुमार रह चुके सपा के बागी नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मशहूर अहमद मुन्ना व उनके पुत्र जिला पंचायत सदस्य तकमील अहमद ने मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य तकमील अहमद ने अपने खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रामपुर पब्लिक स्कूल के अलावा जौहर यूनिवर्सिटी को सरकारी घोषित करने की मांग कर डाली है।