उत्तर प्रदेश स्थित लंका मीनार में भाई-बहन के एक साथ जाने पर है पाबंद

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उत्तर प्रदेश के जालौन में स्थित लंका मीनार में यहां भाई-बहन के एक साथ जाने पर मनाही है। दरअसल, मीनार के ऊपर जाने के लिए सात परिक्रमाओं को पूरा करना पड़ता है, जिसे भाई-बहन नहीं कर सकते। यही कारण है कि मीनार के ऊपर भाई-बहनों का एक साथ जाना मना है। सालों से लोग इस मान्यता को मानते आ रहे हैं। इस बात को लेकर यह धारणा प्रचलित है कि यहाँ जाने वाले भाई-बहन पति-पत्नी बन जाते हैं।

बता दे कि कालपी स्थित लंका मीनार नाम से एक मीनार बनाई गई है, जहां रावण और उसके पूरे परिवार की प्रतिमा सजाई गई है। बताया जाता है कि इस मीनार की चढ़ाई करने के लिए सात बार परिक्रमा करनी पड़ती है। इन्हें शादी के दौरान लिए जाने वाले सात-फेरे माने गए हैं। यही वजह है कि सगे भाई और बहन को यहां एक साथ नहीं जाना चाहिए।

बताया जाता है कि इस मीनार को मथुरा प्रसाद ने बनवाया था, जोकि रामलीला में रावण का किरदार निभाते थे। सालों तक इस काम को करने की वजह से उनकी पहचान इस नाम से जुड़ गई थी। यही वजह है कि उन्होंने लंका मीनार बनवाई। 1857 में निर्मित इस मीनार को बनाने में बीस साल लगे। लंका मीनार बनाने में उस जमाने में 1 लाख 75 हजार रुपये से ज्यादा का खर्च आया। ये मीनार 210 फीट ऊंची है और यहाँ 100 फीट के कुंभकर्ण और 65 फुट ऊंचे मेघनाथ की प्रतिमाएं लगी हैं।