सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) 14 राजनीतिक दलों की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। विपक्षी राजनीतिक पार्टियों ने इस याचिका में कहा है कि, केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुष्प्रयोग कर रही है। राजनीतिक विरोधियों को अरेस्ट कराया जा रहा है। लिहाजा जांच एजेंसियों और कोर्टो के लिए गिरफ्तारी और रिमांड पर गाइडलाइन बनाई जाए। इस मामले में 5 अप्रैल को सुनवाई होगी। इन सबमे सबसे अहम् बात यह है कि 14 राजनितिक पार्टियों में देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी शामिल है।
अभिषेक सिंघवी (Abhishek Singhvi) ने सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) को बताया कि, राजनीतिक विरोधियों को गिरफ्तार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के दुष्प्रयोग के खिलाफ 14 पोलिटिकल पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। बता दें कि चौदह राजनितिक दलों को एक मंच पर लाने का काम किया है। जिनमे कांग्रेस, डीएमके, आप, टीएमसी, बीआरएस आदि पार्टिया शामिल हैं।
पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी 2023 तक के आंकड़े जारी किए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत प्रवर्तन मामले की 5906 सूचना रिपोर्ट दर्ज की हैं। इन केसों में 513 लोग अरेस्ट हुए है। वही इन 531 केसों में 4954 सर्च वारंट जारी हुए। इन सभी मामलों में से नेताओं के खिलाफ 176 केस (ECIR) दर्ज हुए। कई नेताओं पर भी केस दर्ज किए गए हैं।