साक्षी मलिक ने दी बृजभूषण शरण सिंह को नार्को टेस्ट की चुनौती

साक्षी मलिक ने कहा कि, अगर बृजभूषण शरण सिंह को सात पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद बेगुनाह साबित होने का भरोसा है, तो वह लाई डिटेक्टर नार्को टेस्ट करवाएं।

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना-प्रदर्शन जारी है। इस बीच पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) को चुनौती दी है। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह को नार्को टेस्ट कराने और खुद को निर्दोष साबित करने की चुनौती दी है।

साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने कहा कि, अगर WFI चीफ बृजभूषण शरण सिंह को सात पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद बेगुनाह साबित होने का भरोसा है, तो वह लाई डिटेक्टर नार्को टेस्ट करवाएं। विरोध करने वाले पहलवानों ने यह भी कहा कि, अगर बृजभूषण WFI के कामों में अभी भी शामिल हैं, तो वे प्रतियोगिताओं के आयोजन का विरोध करेंगे।

साक्षी मलिक (sakshi malik) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, मैं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को नार्को टेस्ट लेने की चुनौती देती हूं। हम भी जांच कराने को तैयार हैं। सच्चाई सामने आने दीजिए कि कौन दोषी है और कौन नहीं। वहीं, 2021 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग पुनिया ने कहा कि, हम चाहते हैं कि सभी प्रतियोगिताएं आईओए के एड-हॉक पैनल के तहत हों। अगर बृजभूषण किसी भी तरह से इसके कार्यक्रमों में शामिल हैं, तो हम इसका विरोध करेंगे।

पहलवानों ने गुरुवार को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जांच की धीमी प्रक्रिया का विरोध करने के लिए काली पट्टी बांधने का भी फैसला किया। धरने पर बैठे पहलवान एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने के आरोप में बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वही, दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो FIR दर्ज की थी। हालांकि, अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी।

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