पांचवें चरण में डिप्टी सीएम समेत तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर

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सांकेतिक तस्वीर

पांचवें चरण में प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। इसी के साथ प्रदेश सरकार में दूसरे नंबर पर रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और तीन कैबिनेट मंत्रियों की तकदीर भी ईवीएम में सील हो गई। सिराथू से मैदान में उतरे केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशभर में सभाएं तो की ही, अपने गढ़ सिराथू में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

उनका नामांकन कराने स्वयं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहुंचे तो केशव के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशाम्बी में जनसभा की। वहीं, प्रयागराज में दो कैबिनेट मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इलाहाबाद पश्चिमी से प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह लगातार दूसरी बार मैदान में उतरे हैं। उनके लिए प्रचार करने गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे दिग्गज पहुंचे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोड शो किया।

इलाहाबाद दक्षिणी से कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने खूब पदयात्रा की। पहली बार 2007 में इसी सीट से बसपा से चुनाव जीतने वाले नंदी 2017 में भाजपा के टिकट पर जीते। इस बार भी वह भाजपा के प्रत्याशी बने। उनके समर्थन में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल व स्मृति ईरानी ने सभाएं की। पड़ोसी जिला प्रतापगढ़ की पट्टी सीट से कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह उर्फ मोती सिंह की किस्मत का फैसला भी ईवीएम में कैद हो गया। कद्दावर नेता मोती सिंह के लिए भाजपा संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी थी।

प्रतापगढ़ की दो अन्य सीटें भी खासी चर्चा में रही। कुंडा सीट से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और रामपुर खास सीट से कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के चुनाव पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।