विश्व टीबी दिवस से पहले सूरत में किया गया कार्यक्रम का आयोजन

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Gujarat: 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस (World TB Day) सम्पूर्ण देश में मनाया जाता हैं, जिसे आमतौर पर विश्व क्षय रोग दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह पूरी दुनिया का एक कार्यक्रम है, जिसका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य तपेदिक रोग के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त, इसका उद्देश्य लोगों को उन प्रयासों से अवगत कराना भी है, जो न केवल इस बीमारी को रोकने बल्कि इसके उपचार के लिए किए जा रहे हैं।

गुजरात राज्य के सूरत शहर में सिविल हॉस्पिटल में 23 मार्च को विश्व टीबी दिवस (World TB Day) के अवसर पर एक दिन पहले सभी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, डॉक्टर, स्टाफ एवं मेडिकल स्टुडेंट द्वारा मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

मुख्य रूप से सूरत शहर जिला कलेक्टर आयुष आंक ने हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में सिविल अस्पताल के सभी स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉक्टर द्वारा जिला कलेक्टर का स्वागत किया गया ।

जिला कलेक्टर ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि टीबी दिवस (World TB Day) पूरे विश्व में मनाया जाता है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके। यदि आपको टीबी के सिमटमस दिखाई दे तो जांच कराए क्योंकि सरकार द्वारा इसका फ्री में इलाज के लिए जो वेरियेंटर रजिस्ट्रेशन शुरु किया गया है। जिसमे लगभग 7000 लोगो ने रजिस्टर किया है, जिसमे से ऐसे 400 से ज्यादा लोग इसका ट्रीटमेंट ले रहे है। इस बिमारी के बारे में सभी जानकारी मिल सके इसलिए सभी को जागरूक करना चाहिए। इस प्रकार भारत सरकार और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक इसको पूरी तरह से काबू कर लिया जाय ।

विश्व टीबी दिवस

माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होने वाला, टीबी एक जीवाणु संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर किसी व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करता है। 1882 में 24 मार्च के दिन एक जर्मन चिकित्सक और माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. रॉबर्ट कोच ने पाया कि इस बीमारी का कारण टीबी बैसिलस था। 100 साल बाद, 1982 में, इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरक्लोसिस एंड लंग डिजीज ने इसी तारीख को विश्व टीबी दिवस के रूप में घोषित किया।