पुलिस ने मध्य प्रदेश में अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी है। यहां से हथियार पंजाब के विभिन्न जिलों में सप्लाई होते थे। पुलिस ने फैक्ट्री में हथियार बनाने वाले समेत इन्हें सप्लाई करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया। दो लोगों को गिरफ्तार कर 13 हथियार बरामद हुए। आरोपियों की पहचान खन्ना की जगत कालोनी में रहने वाले विशाल कुमार और मध्य प्रदेश के जिला खरगोन के गांव सिगनूर के रहने वाले वीरपाल सिंह टोनी के तौर पर हुई।
लुधियाना रेंज के आईजी कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि एसएसपी अमनीत कौंडल के नेतृत्व में एसपी (आई) डा. प्रज्ञा जैन और सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह की टीम ने गांव ललहेड़ी से विशाल कुमार को 10 ग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार किया था। विशाल कुमार के संबंध कई गैंगस्टरों के साथ हैं। इसके खिलाफ पहले भी 7 केस दर्ज हैं। वे जमानत पर आया हुआ था। जिसके चलते पुलिस ने विशाल कुमार का रिमांड हासिल किया।
रिमांड में विशाल की निशानदेही पर प्वाइंट 315 बोर के 2 देसी पिस्तौल बरामद हुए। विशाल ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने यह पिस्तौल मध्य प्रदेश के वीरपाल से खरीदे थे। पुलिस ने इस केस में वीरपाल को नामजद कर गिरफ्तारी वारंट हासिल किया। खन्ना पुलिस की टीम ने जब मध्य प्रदेश में वीरपाल के ठिकाने पर रेड की तो वहां से प्वाइंट 32 बोर के 11 देसी पिस्तौल बरामद हुए।
वीरपाल सिंह अपने रिश्तेदार तकदीर सिंह के साथ मिलकर हथियार बनाने का धंधा करता था। तकदीर सिंह को 2 महीने पहले ही खन्ना पुलिस ने अवैध हथियारों समेत गिरफ्तार किया था जोकि इस समय लुधियाना जेल में बंद है। आईजी शर्मा ने बताया कि तकदीर और वीरपाल खुद ही हथियार बनाते थे। देसी पिस्तौलों को डिमांड पर बेचते थे। इनका बाकी नेटवर्क भी पुलिस खंगाल रही है।