फाइलों का बण्डल लेकर नुसरत पहुंची ईडी के दफ्तर

फ्लैट देने का वादा करके कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फसी अपने संबंधों पर पूछताछ का सामना करने के लिए वह ईडी दफ्तर पहुंचीं हैं।

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West Bengal के उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य नुसरत जहां आज ईडी के दफ्तर पहुंची। एक संदिग्ध वित्तीय इकाई के निदेशक के रूप में, जिसने वरिष्ठ नागरिकों को उचित दरों पर आवासीय फ्लैट देने का वादा करके कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, के साथ अपने संबंधों पर पूछताछ का सामना करने के लिए वह ईडी दफ्तर पहुंचीं हैं।

कथित तौर पर 2014-15 में सेवन सेंसेज इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने राजारहाट में जमीन खरीदने और फ्लैट बनाने के लिए 429 लोगों से 5 लाख 55 हजार रुपये एडवांस लिए थे। कुल रकम 23 करोड़ 8 लाख 95 हजार टका है। भले ही 9 साल में किसी भी निवेशक को फ्लैट नहीं मिला, लेकिन नुसरत जहां ने कथित तौर पर उस पैसे से दक्षिण कोलकाता में एक संभ्रांत आवास में एक फ्लैट खरीदा।

उन्हें मंगलवार सुबह 11 बजे कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके साल्ट लेक में केंद्रीय सरकार कार्यालय (सीजीओ) परिसर में ईडी के कार्यालय में उपस्थित होना था, वह कई फाइलों के साथ सुबह 10.50 बजे के आसपास वहां पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

यह है आरोप

ईडी के अधिकारी पहले ही मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर चुके हैं। ईडी में दर्ज शिकायतों के अनुसार, उक्त कॉर्पोरेट इकाई ने निवेशकों को चार साल के भीतर उचित दरों पर आवासीय फ्लैट देने का वादा करके कई करोड़ रुपये एकत्र किए। लेकिन उन्हें अभी तक आवासीय फ्लैट नहीं मिले हैं, लेकिन जहां सहित उक्त इकाई के निदेशकों ने उस पैसे का उपयोग अपने फ्लैट बनाने के लिए किया।

इस साल अगस्त की शुरुआत में मामला मीडिया में सामने आने के कुछ दिनों बाद, नुसरत जहां ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने मार्च 2017 में कॉर्पोरेट इकाई से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने उक्त कॉर्पोरेट से लगभग 1.16 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। मार्च 2017 में ही 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि ब्याज सहित चुका दी।