निर्मला सीतारमण ने बजट में किया डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का ऐलान

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digital health ecosystem

वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश किए गए यूनियन बजट (Union Budget) 2022 से 2023 में कई जरूरी योजनाओं के साथ नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम (National Digital Health Ecosystem) की बात भी काफी चर्चित हो रही है। जिसका लाभ बच्चे, व्यस्क, वृद्ध तथा खासतौर से महिलाओं को मिल सकता है। कोरोना संक्रमण ने हर इंसान को किसी ना किसी तरीके से प्रभावित किया है। कोई अपने से परेशान है,कोई घर, परिवार की सेहत को लेकर,कोई अपने एजुकेशन को लेकर हर व्यक्ति किसी ना किसी तरीके से प्रभावित हुआ है।सूत्रों के अनुसार, देखे तो देश में सुसाइड करने वाली हर पांचवी या छठवीं महिला होममेकर है, जो डिप्रेशन या तनाव से सबसे ज्यादा पीड़ित रही हैं।

एक ही जगह तेईस इंस्टीट्यूशन

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने कहा कि कोविड संक्रमण की वजह से अधिकतर लोगों के मेंटल स्टेटस पर असर पड़ा है। जिसके लिए नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (National Mental Health Program) की शुरुआत की जाएगी। मेंटल हेल्थ (Mental Health) पर काम करने वाले लगभग 23 इंस्टीट्यूशन को इस हेल्थ प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा।

तनाव और डिप्रेशन से सबसे ज्यादा आज के दौर में महिलाएं ही जूझ रही हैं। ये बात कई रिपोर्ट में भी सामने आई है। बता दे की अब केवल महिलाएं ही नहीं पुरुष भी तनाव व डिप्रेशन जैसी बीमारियों से जूझ रहे है और इससे उबरने के लिए तथा इलाज कराने के लिए एक्सपर्ट की मदद भी ले सकेंगे। इस प्रोग्राम के तहत डिप्रेशन व तनाव से ग्रसित मरीज सीधे एक्सपर्ट से बात कर सकेंगे।

होममेकर महिलाओं में ज्यादा असर

  • डब्ल्यूएचओ (WHO)के अनुसार, देशभर में मानसिक बीमारियों का असर सेहत के साथ-साथ इकोनॉमी(Economy) पर भी पड़ रहा है। डिप्रेशन से दुनियाभर में लगभग 26 करोड़ लोग जूझ रहे हैं।
  • वहीं, लैंसेट सायकेट्री की 2019 में आई एक रिपोर्ट बताती है कि, भारत में एंग्जायटी(Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) से पुरुषों के अपेक्षा महिलाएं ज्यादा पीड़ित हैं।इसका उनपर ज्यादा असर है
  • एनसीआरबी(NCRB) 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, सुसाइड करने वाले में से 17.1% होममेकर महिलाए होती हैं। वही सुसाइड करने वाली महिलाओं में 50% से ज्यादा होममेकर ही होती हैं।