नेपाल: CPN-UML पार्टी ने प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लिया

नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव 9 मार्च को होगा। ओली ने पौडेल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए सीपीएन-यूएमएल पार्टी के सदस्य सुबास नेमबांग को नामित किया है।

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नेपाल (Nepal) के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) पार्टी ने सोमवार को पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया है। प्रचंड के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को ये एक और झटका लगा है।

द काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक, नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी और सीपीएन-यूएमएल ने सोमवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिलने के बाद इसकी औपचारिक एलान की है।

यूएमएल के वाइस-चेयरमैन बिष्णु पौडेल (Bishnu Poudel) ने कहा, “नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा अलग तरीके से काम शुरू करने और राष्ट्रपति चुनाव से पहले बदले हुए राजनीतिक समीकरण के कारण हमने सरकार से हटने का फैसला किया है।”

बता दें कि, माओवादी नेता ने राष्ट्रपति पद के लिए नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम चंद्र पौडेल (Ram Chandra Paudel) का समर्थन करने का फैसला किया था। जिसके बाद से प्रचंड और ओली के बीच गठबंधन टूटने के आसार बढ़ गए थे। पौडेल नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है और इनका राष्ट्रपति पद के लिए आठ राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है।

नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव 9 मार्च को होगा। केपी शर्मा ओली ने पौडेल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) पार्टी के सदस्य सुबास नेमबांग (Subas Nembang) को नामित किया है। वहीं, प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने भी विपक्षी नेपाली कांग्रेस के नेता पौडेल का इस शीर्ष पद के लिए समर्थन किया है।

वही, पौडेल राष्ट्रपति चुनाव में सीपीएन के उम्मीदवार सुबास नेमवांग (Subas Nemwang) के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। 78 वर्षीय पौडेल ने 25 फरवरी को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।