राणापुर विकासखंड के ग्राम रुपाखेड़ा राम मंदिर स्थित प्रांगण में स्थित में युवा सेवा संघ द्वारा मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। संत आसाराम जी बापू के कृपा पात्र शिष्य रामा भाई के साथ सानिध्य में बच्चों ने अपने माता पिता का पूजन कर आरती उतारी और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सत्संग में श्री रामा महाराज ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देव कहा गया है। “मातृदेवो भवः, पितृदेवो भवः, आचार्यदेवो भवः।” माता-पिता ने हमारे पालन-पोषण में कितना कष्ट उठाया है और हमारे आचार्यों ने हमें सही ज्ञान की सीख दी है। इनकी पूजा-अर्चना व सेवा करने से छोटे से छोटा व्यक्ति भी महान बन जाता है। माता-पिता एवं गुरु की सेवा करने वाला स्वयं आदरणीय बन जाता है।
इस सिद्धांत को जिन्होंने भी अपनाया वे खुद भी आदरणीय और पूजनीय बन गए। चाहे भगवान गणेशजी हो, भगवान श्रीरामचंद्रजी हो, भीष्म पितामह हो या फिर एक साधारण सा बालक श्रवण कुमार हो। उन्होंने कहा कि, मंदिर में तो पत्थर की मूर्ति में भगवान की भावना की जाती है। जबकि जीते जागते माता-पिता एवं गुरुदेव में तो सचमुच भगवान बसे हैं। पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण हमारी नई पीढ़ी राह भटक रही है।

भारतीय सभ्यता संस्कृति जो अपने आप में अनूठी है और विश्व में दूसरे देशों को दिशा प्रदान करती है। उसे बचाए रखने के लिए इस तरह के आयोजनों को करना आवश्यक है। महाराज जी ने सभी ग्रामीणों व बच्चे युवाओं को आने वाली आगामी 14 फरवरी को – वैलेंटाइन डे की जगह मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने की संकल्प दिलाया।
साईं लीलाशाह गुरुकुल के विद्यार्थी छात्रों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया, भारतीय संस्कृति व राष्ट्र निर्माण भारत ,विश्व गुरु बनाने शानदार प्रस्तुति का संदेश दिया। एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सत्संग नशा मुक्ति अभियान का संकल्प लिया।
युवा सेवा संघ कार्यकर्ताओं ने फूल माला से महाराज जी का स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष भानु भूरिया जिला महामंत्री,जनपद सदस्य राकेश डामोर,महेश परमार,सरपंच प्रकाश परमार, सरपंच राकेश डामोर,युवा सेवा संघ जिलाध्यक्ष मुकेश मेड़ा, गुरुकुल संचालन मांजू परमार,प्रकाश डामोर,राकेश हटिला,फकरु परमार आध्यपक संघ जिलाध्यक्ष दिवान भूरिया,उपस्थित थे।