मायावती के इस प्लान से सपा को हो सकता नुकसान

बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती अगले चुनाव के लिए साल 2007 से अपने योजनाओ पर काम कर रही है|

0
64

साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है और इसी को देखते हुए बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) भी अपने पुराने वोट बैंक को जोड़ने के प्रयास में लग गयी है|

बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती (Mayawati) अब अपने 2007 के बनाये गए योजना पर जोरो-शोरो से काम कर रही है| जिसके माध्यम से उन्होंने साल 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया था और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी|

बहुजन समाजवादी पार्टी की इस रणनीति से समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की दिक्क़ते बढ़ सकती है|

मायावती ने दलित और मुस्लिम समाज को एकजुट होने को अपील की

मायावती (Mayawati) आगामी चुनाव से पूर्व दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्‍पसंख्‍यकों को एकजुट करने में लग गयी है| अपने जन्मदिन पर रविवार को मायावती ने दलित और मुस्लिम समाज को एकजुट होने की अपील की|

प्रमुख ने कहा कि, “मैं अपने जन्मदिन के मौके पर दलित, आदिवासियों, पिछड़े, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों को यह याद दिलाना जरूरी समझती हूं कि भारतीय संविधान के मूल निर्माता एवं कमजोर, उपेक्षित वर्ग के मसीहा बाबा साहब आंबेडकर ने जातिवादी व्यवस्था के शिकार अपने लोगों को स्वाभिमान व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए कानूनी अधिकार दिलाए हैं| और उन्हें आपस में भाईचारा पैदा करके केंद्र व राजनीति की सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथों में लेनी होगी|”

मायावती के योजना से समाजवादी पार्टी को होगा नुकसान

मायावती (Mayawati) के इस प्लान से सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी को हो सकता है और अखिलेश यादव के सामने अब बड़ी चुनौती है, क्योंकि मायावती ने समाजवादी पार्टी के परंपरागत वोट बैंक माने जाने वाले मुस्लिम समाज पर ह्यां केंद्रित किया है|

मायावती (Mayawati) ने कांग्रेस, भाजपा और समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि अब तक के अनुभव यही बताते हैं कि इन जातिवादी सरकारों के चलते इन वर्गों के लोगों को संविधान में मिले उनके कानूनी अधिकारों का अब तक सही से फायदा नहीं मिल सका है| इसके साथ ही मायावती (Mayawati) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर सवाल उठाए और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की|