शराब घोटाले में फंसे मनीष सिसौदिया को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत प्राथमिक तौर पर यह मान लिया है कि शराब घोटाले से कुल 336 करोड़ रुपये के धन का लेन-देन हो रहा है। इसका मतलब यह है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को इस मामले में आगे चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी घोटाले के चलते आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी जेल में बंद हैं। इससे उनके केस पर भी असर पड़ सकता है। भाजपा ने कहा है कि अब इस मामले में अरविंद केजरीवाल के भी जेल जाने का समय आ गया है।
अदालत ने निचली अदालत से कहा है कि वह इस मामले की सुनवाई छह से आठ महीने में पूरी करे। साथ ही सिसोदिया को भी कहा है कि यदि इस मामले की सुनवाई में देरी होती है, तो वे तीन महीने बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि अगला लोकसभा चुनाव होने तक मनीष सिसोदिया को जेल में रहना पड़ सकता है। सिसोदिया पर टिप्पणी के बाद आम आदमी पार्टी के दूसरे नेता संजय सिंह को भी राहत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अब इसका असर उनके मामले पर भी पड़ सकता है।
दरअसल, इसके पहले की सुनवाई में अदालत ने जांच एजेंसी से यह प्रश्न किया था कि इस मामले में मनी ट्रेल कहां है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि इस मामले में मनी ट्रेल स्थापित नहीं हो रही है। इससे सिसोदिया के जल्द जेल से बाहर आने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन आज की सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा मनी ट्रेल को स्वीकार कर लेने से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भाजपा नेता मनोज तिावारी ने सिसोदिया की जमानत खारिज हो जाने के बाद कहा है कि इस मामले के असली गुनहगार अरविंद केजरीवाल हैं। अब उनके गिरफ्तार होने का समय आ गया है। पार्टी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के वे सभी नेता जो इस मामले में शामिल हैं, उनके जेल जाने का समय आ गया है। इससे अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।