सिंघाड़े की पूरी एक स्वादिष्ट भारतीय फ्राई ब्रेड है जो सिंघाड़े के आटे, मसले हुए आलू, खाने योग्य सेंधा नमक और कुछ मसालों से बनाई जाती है। ये सिंघारे के आटे की पूरी हिंदू धार्मिक उपवास के दिनों जैसे शिवरात्रि व्रत या एकादशी व्रत या नवरात्रि उपवास के दौरान बनाई जाती हैं। उत्तर भारत में व्रत के दिनों में कुछ खास आटे का ही इस्तेमाल किया जाता है। जैसे सिंघाड़े का आटा (सिंघाड़े का आटा), कुट्टू का आटा (एक प्रकार का अनाज का आटा), राजगिरा का आटा (चौलाई का आटा), समा के चावल का आटा (बार्नयार्ड बाजरा का आटा) और अरारोट का आटा।
सामग्री
▢2.5 से 3 कप सिंघाड़े का आटा
▢1 कप मसले हुए आलू
▢1 या 2 हरी मिर्च, कीमा बनाया हुआ
▢1 चम्मच जीरा पाउडर
▢2 चम्मच तेल
▢आवश्यकतानुसार सेंधा नमक
▢आटा बांधने के लिए पानी
▢पूरी तलने के लिए आवश्यकतानुसार तेल
निर्देश
सिंघारे की पूरी बनाना
- आलू को भाप में या प्रेशर कुकर में 3 से 4 सीटी आने तक पकाएं।
- आलू को छीलकर एक कटोरे में कांटे या आलू मैशर से मैश कर लें।
- सिंघाड़े का आटा, कटी हुई हरी मिर्च, जीरा पाउडर, खाने योग्य सेंधा नमक और तेल डालें।
- सबसे पहले सामग्री को मिला लें।
- आटे को गूथ लीजिये। आटा चिकना, मुलायम और लचीला होना चाहिए।
- आटे से छोटी या मध्यम आकार की लोइयां तोड़ लीजिये।
- चकले और आटे की लोई पर थोड़ा सा सिंघाड़े का आटा छिड़कें।
- लोइयों को छोटी या मध्यम आकार की पूरियों में बेल लें।
- पूरी पतली या मोटी न बनायें।
सिंघाड़े के आटे की पूरी तलना
- पूरी तलने के लिए कढ़ाई में तेल गरम करें।
- तेल मीडियम गर्म होने पर पूरी को हल्के हाथों से तेल में डालिये।
- जब एक तरफ से फूल जाए तो पूरी को चम्मच से धीरे से हिलाकर फूलने में मदद करें।
- जब यह साइड सुनहरी हो जाए तो धीरे से पलट दें और दूसरी साइड को भी सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।
- इस तरह बची हुई पूरी को बैच बनाकर तल लीजिए।
- सिंघारे की पूरी को व्रत के आलू या कद्दू की सब्जी के साथ गरमागरम परोसें।