Kaushambi: जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सब लोग वृक्ष के महत्व के बारे में भली-भॉति जानते हैं। पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकतीं। हमारे जीवन के लिए धरातल पर अधिक से अधिक पेड़-पौधों का होना अत्यन्त आवश्यक है। वह प्रत्येक तत्व, जिसका उपयोग हम जीवित रहने के लिए करते हैं, वह सभी पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं। हमारा पर्यावरण धरती पर स्वस्थ्य जीवन को अस्तित्व में रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सुरक्षित जीवन के लिए धरातल पर मानक के अनुसार 33 प्रतिशत वन आच्छादित होना चाहिए, जबकि हमारे देश के भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 23 प्रतिशत भाग ही वन आच्छादित है एवं उ0प्र0 के भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 09 प्रतिशत भाग ही वन आच्छादित है। केन्द्र व प्रदेश सरकार के विशेष प्रयास से वनावरण विगत वर्षों से लगातार बढ़ रहा हैं।
कौशाम्बी (Kaushambi) जिलाधिकारी ने सभी से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण करें। हम सभी को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के अनुरूप जीवन शैली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सब अपने दिनचर्या में बदलाव लाकर पर्यावरण का संरक्षण कर सकतें है। कागज को अनावश्यक नष्ट न करें, नदी तालाब को गन्दा न करें एवं जब आवश्यक न हो तो विद्युत उपकरणों को बन्द रखें।
कार्यक्रम में धर्मा देवी इंटर कॉलेज केन के छात्र राजा पाण्डेय, अनुराग, आलोक त्रिपाठी व छात्रा-तान्या सिंह ने पर्यावरण विषय पर अपने सम्बोधन के माध्यम से जीवन में पेड़-पौधों की महत्ता व संरक्षण पर प्रकाश डाला तथा आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी, प्रभागीय वनाधिकारी डॉ०आर0एस0 यादव एवं जिला पंचायत राज अधिकारी बालगोविन्द श्रीवास्तव एवं एस० डी० ओ० (वन) सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें। तत्पश्चात जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाये जाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक विकास खण्ड के 03-03 पंचायत सहायकों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेण्टों देकर सम्मानित किया।
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