Keshav Prasad Maurya: 2024 में एक बार फिर से देश में कमल खिलेगा

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 2024 में अखिलेश यादव की पार्टी समाप्‍तवादी पार्टी बनने जा रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का खाता नहीं खुलने जा रहा है।

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उत्‍तर प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने कहा कि, उत्‍तर प्रदेश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीबों के बीच में आप जाएंगे, तो पाएंगे कि हम बेहतर काम कर रहे हैं। इसी तरह युवाओं, किसानों और महिलाओं को लेकर अच्‍छे काम कर रहे हैं। हमारी पार्टी चुनाव के बाद अपने सभी वादों को पूरा करती है और आगे भी ये जारी रहेगा। साथ ही यूपी की कानून-व्‍यवस्‍था पर उन्‍होंने कहा कि, पुलिस पर गोली चलेगी तो जवाब मिलेगा, अपराधियों में हिन्दू-मुस्लिम करना गलत है।

वही उपमुख्‍यमंत्री से सवाल किया गया कि, सीएम योगी और ओम प्रकाश राजभर की मुलाकात के क्या मायने है? इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, ‘देखिए, नेता एक-दूसरे से मिलते हैं, इसमें कोई बुराई नहीं है। मैं उस बैठक में नहीं था, इसलिए नहीं बता पाऊंगा कि आखिर उनके बीच बात क्‍या हुई। मुझे लगता है कि किसी एक नेता के दूसरे नेता से मिलने पर कोई पाबंदी नहीं है।’

उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि, ‘हम कोशिश कर रहे हैं कि यूपी में इस बार लोकसभा चुनाव में हम और हमारे साथी दल मिलकर सभी 80 सीटें जीते इसके लिए जमीनी स्‍तर पर काम किया जा रहा है।’

उन्‍होंने आगे कहा कि, ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत हमारा लक्ष्य है। सपा-बसपा शासन में जो भ्रष्टाचार हुआ, वो किसी से छिपा नहीं है। सपा की सरकार में बिजली आती नहीं थी और भाजपा की सरकार में जाती नहीं है। हमारे शासनकाल में प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा है। कई धार्मिक स्थलों को जीर्णोद्धार हुआ है। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। यूपी को डबल इंजन सरकार का फ़ायदा मिल रहा है।’

केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि, ‘2024 में अखिलेश यादव की पार्टी समाप्‍तवादी पार्टी बनने जा रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का खाता नहीं खुलने जा रहा है। 2024 में एक बार फिर से देश में कमल खिलेगा और हमार गठबंधन 350 सीटों पर जीत करने जा रही है। विपक्ष नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभी तक कोई उम्‍मीदवार का चुनाव ही नहीं कर पाया है। उनके पास कोई उम्‍मीदवार है ही नहीं।’