Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी पेट्रोल डीजल के माप नाप में कमी आम बात होती जा रही है। पेट्रोल पंप की मशीनों में चिप लगाकर नाप माप के समय मशीन जंप कराई जाती हैं। जिससे लोगों के वाहनों में डीजल पेट्रोल कम पहुंचता है। आए दिन इस बात को लेकर पेट्रोल पंप में ग्राहकों से नोक झोक होती है, लेकिन उसके बाद भी पेट्रोल डीजल की माप में कमी करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर कार्यवाही नहीं होती है बताया जाता है कि मापन की जिम्मेदारी बाट माप विभाग की है लेकिन बाट माप विभाग के अधिकारी 15 हजार रुपए प्रत्येक महीने पेट्रोल पंप से इस बात की वसूली करते हैं कि हम मापन की जांच के दौरान उनकी कमियों को उजागर होने से बचाते रहेंगे।
पेट्रोल पंप में माप में कमी का शिकार आम जनता के साथ-साथ नेता अधिकारी भी हो रहे हैं। जब यह शातिर पेट्रोल पंप संचालक जिले के कलेक्टर मजिस्ट्रेट पुलिस अधीक्षक के वाहनों में डीजल पेट्रोल भरते वक्त में कमी करने से नहीं चूक रहे हैं। अफसर इनके साजिश का शिकार हो रहे हैं तो आम जनता तो मजबूर है पेट्रोल पंप में डीजल पेट्रोल के माप नाप के दौरान तेल की कमी को आम जनता मजबूरी वश झेल रही है शातिर पंप संचालक जब अफसर के वाहन में डीजल पेट्रोल के समय उन्हें लूट लेते हैं, तो आम जनता तो इनसे लुटने को मजबूर है। ताजा मामला मंझनपुर के हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप का है। जहां शुक्रवार को फिर पेट्रोल की माप में कमी पाई जाने पर बाइक सवार ने गाड़ी का पेट्रोल निकाल करके फिर से नाप कर दिया तो 30 प्रतिशत पेट्रोल कम पड़ गया यह एक दिन का मामला नहीं है इस तरह के मामले रोज होते हैं।
पेट्रोल पंप में शौचालय पीने के पानी वाहनों के टायर में हवा भरने सहित तमाम जन सुविधाओं का अभाव है आखिर कब तक पेट्रोल पंप में आम जनता के साथ अधिकारी नेता इनकी ठगी का शिकार होते रहेंगे और बाट माप अधिकारी उनके नाप माप में कमी के बाद करोड़ों रुपए की वसूली कर मालामाल होते रहेंगे पेट्रोल पंप मशीनों की जांच कराए जाने की जरूरत है और शासन ने मामले को संज्ञान लिया तो कौशाम्बी के साथ साथ पूरे प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक पर मुकदमा दर्ज होना तय है।