Kaushambi: संदीपन घाट थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार 15 सितम्बर को तिहरे हत्याकांड के बाद झूठे बयान जारी करने वाले अधिकारियों का चारो तरफ मजाक उड़ाया जा रहा है। शासन को गुमराह करने में राजस्व और पुलिस विभाग को बड़ी महारत हासिल है। सरकार के निर्देशानुसार थाना दिवस और तहसील दिवस इसलिए आयोजित किया जाता है कि थाना दिवस और तहसील दिवस में प्राप्त शिकायती पत्र का राजस्व और पुलिस विभाग के समन्वय से त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय अंतर्गत निस्तारण किया जाए तथा इसके बाद शासनस्तर से थाना दिवस और तहसील दिवस का जवाब तलब होता है।
थाना दिवस और तहसील दिवस में सही तरीके से शिकायतों का निस्तारण हो या ना हो, किसी को न्याय मिले या ना मिले लेकिन फजीहत होने से बचने के लिए अधिकारियों का रटा रटाया शब्द त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय अंतर्गत शिकायतों का निस्तारण किया गया। बयान जारी कर शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर अपने ही हाथ अपनी पीठ थपथपाने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। बीते दिन संदीपन घाट थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर ट्रिपल हत्याकांड ने पुलिस और राजस्व विभाग के द्वारा त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय अंतर्गत शिकायतों का निस्तारण किए जाने की पूरी पोल खोलकर रख दी है।
त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय अंतर्गत शिकायतों का निस्तारण का दंभ भरने वाले अधिकारी यदि त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय अंतर्गत शिकायतों का निस्तारण किए होते तो एक साथ तीन निर्दोष दलित लोगों की हत्या न होती और किसी का परिवार उजड़ने से बच जाता। ट्रिपल हत्याकांड के बाद शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह करने वाले अधिकारियों पर अभी तक ठोस कार्यवाही नही हुई। एक साथ तीन दलित लोगों की हत्या के बाद त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समय अंतर्गत शिकायतों का निस्तारण किए जाने का बयान जारी करने वाले अधिकारियों के निष्ठा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।