Kaushambi: कोखराज थाना क्षेत्र के बालक मऊ गांव में महीनों पूर्व एक बालिका गायब हो गई थी। बालिका भरवारी कस्बे की एक पेठा की फैक्ट्री में अपनी एक अन्य सहेली के साथ काम करती थी। वही के युवक से उसके संबंध हो गए, जिसके बाद बालिका गायब हो गयी। उसके बाद बालिका की माँ ने कोखराज थाना और चौकी पुलिस सिंघिया को तहरीर देकर बालिका के गायब होने की सूचना दी थी। पुलिस बालिका को खोज रही थी। इसी बीच मालूम चला कि एक युवक से शादी करने के बाद बालिका राजस्थान में दांपत्य जीवन गुजार रही है। पुलिस ने बालिका की सास और बालिका के पति पर दबाव बनाया, जिस पर बालिका को लेकर उसके पति और सास बालिका के गांव मऊ वापस पहुंच गए। बालिका के वापस होने के बाद बालिका के गायब होने की बात पर विराम लग गया।
राजस्थान से वापस कौशांबी (Kaushambi) अपने गांव आई बालिका और उसकी सास से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि 3 लाख रुपए दे करके उन्होंने अपने बेटे के लिए दुल्हन चुनी। अपनी दुल्हन के रूप में बालिका के साथ अपने बेटे की शादी की है। बालिका भी अपने पति को छोड़ना नहीं चाहती है। वह भी अपने पति के साथ राजस्थान फिर जाना चाहती है।
बताया जाता है कि किसी दलाल के माध्यम से 3 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है लेकिन पूरी रकम बालिका की माँ तक नहीं पहुंच सकी। बालिका के गायब होने का ड्रामा किया गया और बालिका की बिक्री की पूरी रकम दलाल से लेने के लिए पुलिस को परेशान किया गया। बालिका के गायब होने के बजाए यह मामला बालिका की बिक्री का निकला है, जिसमें बालिका की माँ और उसके परिजन दोषी बताए जाते हैं। जिले में ऐसे मामले आए दिन होते हैं। जब लाखों की रकम के लालच में बालिका के माता-पिता ही बालिका को बेच कर धन वसूली करते हैं। कुछ दिन पहले करारी थाना क्षेत्र में भी इस तरह का मामला सामने आया था, जहाँ बालिका को बेचकर पैसा लेने वालों को जेल भेजने के बजाए अर्का चौकी पुलिस ने दूसरे पक्ष को ही जेल भेज दिया। बालिका को बेच कर लाखो लेने का यह गंभीर मामला है और रकम लेकर बेटियों को बेचने वालों पर शिकंजा कसने की जरूरत है।