Kaushambi: यूपी के कौशाम्बी जिले (Kaushambi) के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में मोबाइल की दुकान में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इंटेलिजेंस विंग टीम और सर्विलांस की सहायता से तीन लोगो को अरेस्ट किया है, जिनके पास से चोरी के 28 मोबाइल बरामद हुए है, जिसमे एक मुख्य आरोपी के ऊपर गैर जनपद में कई मामले पहले से ही दर्ज है जबकि दो अन्य भी गैर प्रदेश और गैर जनपद के है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को लिखापढ़ी कर न्यायालय पेश किया, जहाँ से उन्हे जेल भेज दिया गया। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे के जायसवाल मोबाइल व इलेक्ट्रानिक हब दुकान से दो हफ्ते पहले चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई थी।
मामले के खुलासे के लिए कई टीम बनाई गई थी। पुलिस टीम ने इंटेलिजेंस विंग टीम और सर्विलांस की सहायता से पंजाब के रहने वाले तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले फतेहपुर जनपद के खखरेरू के रहने वाले मोनू पाल को अरेस्ट किया। मोनू पाल पंजाब के लुधियाना में भी रहता था और कौशाम्बी (Kaushambi) में बावरिया गिरोह की तरह अकेले ही चोरी की घटना को अंजाम देता था। एसपी ने बताया कि मोनू पाल चोरी कर रोहित जायसवाल और रवि वर्मा को मोबाइल बेचता था, जिसके बाद यह दोनो चोरी के मोबाइल को दूसरे ग्राहकों को बेच देते थे।
एसपी ने बताया की पुलिस टीम ने मोनू पाल के घर से रोहित जायसवाल और रवि वर्मा को 28 एंड्रायड मोबाइल जिसकी कीमत लगभग सत्तर लाख रुपए है, अरेस्ट कर लिया और उन्हे जेल भेज दिया गया। मोनू पाल पर फतेहपुर जनपद में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है।