धूमधाम से मना काशी कोतवाल बाबा कालभैरव का जन्मोत्सव

0
72

Varanasi: अगहन मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काशी कोतवाल बाबा कालभैरव (Baba Kalbhairav) का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया है। वहीं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बाबा के दर्शन-पूजन को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। ऐसी मान्यता है कि काशी कोतवाल की अनुमति के बगैर कोई काशी (Kashi) में वास नहीं कर सकता। बाबा सभी के पाप-पुण्य का न्याय करते हैं।

मंदिर के महंत ने बताया कि अगहन मास की अष्टमी तिथि को बाबा कालभैरव (Baba Kalbhairav) का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन बाबा अपने मूल स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। उन्होंने आगे बताया कि बाबा का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की गई। विशाल भंडारा का आयोजन किया गया है। इसमें भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि बाबा कालभैरव (Baba Kalbhairav) काशी के कोतवाल माने जाते हैं। काशी का पूरा शासन बाबा के हाथ में हैं। बाबा की अनुमति के बिना काशी में कोई वास नहीं कर सकता। काशी में मृत्युपरांत यम याचना नहीं भैरवी याचना होती है। मरने वालों के पाप-पुण्य का शोधन स्वयं बाबा करते हैं। भैरव जी का ही दंड उनको प्राप्त होता है।