Jharkhand: फॉर्म भराने पड़ोस में शिक्षक के घर गई नाबालिक छात्रा से रेप

इस हरकत से आहत छात्रा ने घर में रखी सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

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हज़ारीबाग़ के दारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत मध्य विद्यालय दारू बालक के पारा शिक्षक मुकेश कुमार को 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस हरकत से आहत छात्रा ने घर में रखी सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। आनन-फानन में नाबालिग को हज़ारीबाग़ के शेख बिहारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद वह खतरे से बाहर है।

बताया जाता है कि छात्रा की तबियत ठीक होने पर उसकी मां ललिता देवी ने अस्पताल में बयान दर्ज कराया। बयान में बताया कि वह नौवीं वर्ग की छात्रा है और आरोपी पारा शिक्षक का घर उसके घर के बगल में है। वह एक फॉर्म भराने के लिए शिक्षक के घर गई थी। फार्म भराने के बहाने शिक्षक घर की छत पर बने कमरे में ले गया और उसपर स्प्रे छिड़क दिया। इससे वह बेहोश हो गई।

होश में आने के बाद उसने अपने कपड़े को अस्त-व्यस्त देखे और उसे अपने साथ किसी अनहोनी की आशंका हुईं। शिक्षक अपने नीचे वाले कमरे में चला गया था। जिसके बाद उसे यह एहसास हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। यह आप बीती छात्रा ने अपने कोचिंग के शिक्षक के साथ साझा की। कोचिंग के शिक्षक ने कोचिंग सेंटर में छात्रा की मां को बुलाकर यह बात बताई जिसके बाद छात्रा ने घर आकर चावल के बोरे में रखी सल्फास की गोली को खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

सल्फास खाने के बाद उसने मैसेज के माध्यम से कोचिंग के शिक्षक को जानकारी दी। जिसके बाद शिक्षक और उसके परिजनों की सहायता से उसे आनन-फानन हजारीबाग अस्पताल पहुंचाया गया। इस बारे में डॉक्टरों ने बताया कि सल्फास की गोली 2 साल पुरानी थी। इसलिए जहर का असर इतना नहीं हुआ और छात्रा सही सलामत है। इस घटना से आहत छात्रा के माता पिता और अन्य परिजनों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

इस बारे में शिक्षक मुकेश ने बताया की उसके ऊपर लगे आरोप झूठे ओर बेबुनियाद है। छात्रा की मेडिकल जांच करा ली जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। अस्पताल में हुए फर्द ब्यान के आधार पर दारू थाना कांड संख्या 56/23 व भदवी 376, 306 पोस्को धारा 4/8 का मामला दर्ज किया गया है। मामले में हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने कहा कि घटना को लेकर फर्द बयान के आधार पर मामले को दर्ज किया गया है।