कौशांबी: बहुजन समाज पार्टी की सरकार के कार्यकाल में विधायक निधि (MLA funds) की अदला-बदली कर दो विधायकों ने अपने परिवार के नाम पर विद्यालय भवन का निर्माण कराया था। मामले की शिकायत शासन स्तर से हुई थी। सरकार के निर्देश पर विधायक निधि (MLA funds) के रकम में गाइडलाइंस के विपरीत निधि अवमुक्त किए जाने के हेरा फेरी की जाच शुरू हुई थी। तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी माला श्रीवास्तव ने जांच की दिशा को गति दी थी लेकिन अचानक उनका स्थानांतरण हो गया और विधायक निधि की हेरा फेरी की जांच की पत्रावली विकास भवन से गायब हो गई।
गौरतलब है कि बसपा सरकार के दो विधायकों द्वारा विधायक निधि (MLA funds) की रकम की अदला-बदली के इस मामले में कई वर्ष बाद भी जांच नहीं पूरी हो सकी है। पत्रावली गायब करने वाला विभाग का वह लिपिक कौन है? यह जन जन की जुबान में है, लेकिन विधायक निधि में सरकार के गाइडलाइन के विपरीत विधायकों के विद्यालय को विधायक निधि की 25 लाख रुपए की रकम दे दी गई थी। नियम विरुद्ध तरीके से विधायकों के विद्यालयों को विधायक निधि की रकम दिए जाने के हेरा फेरी के इस मामले में वर्षो बीत जाने के बाद भी जांच नहीं पूरी हो सकी है। यदि विधायक निधि की हेरा फेरी के इस मामले की योगी सरकार ने जांच कराई तो तत्कालीन दोनों विधायकों की मुसीबत बढ़ना तय हैं।