भारत विभिन्न प्रकार की उल्लुओं की प्रजातियों का घर है, जिनमें से कुछ कम ज्ञात हैं और अधिक मान्यता के पात्र हैं।
इंडियन स्कॉप्स उल्लू

- विशिष्ट कानों के गुच्छों वाला छोटा उल्लू
- जंगलों और घास के मैदानों में पाया जाता है
- मजेदार तथ्य: इंडियन स्कोप्स उल्लू का छद्म आवरण उत्कृष्ट होता है और इसके प्राकृतिक आवास में इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है।
भारतीय ईगल उल्लू

- विशिष्ट “हूट” ध्वनि वाला बड़ा उल्लू
- जंगलों, घास के मैदानों और रेगिस्तानों में पाया जाता है
- मजेदार तथ्य: इंडियन ईगल उल्लू भारत का सबसे बड़ा उल्लू है और इसके पंखों का फैलाव 5 फीट से अधिक हो सकता है।
जंगल उल्लू

- विशिष्ट “के-विक” ध्वनि वाला छोटा उल्लू
- जंगलों और घास के मैदानों में पाया जाता है
- मजेदार तथ्य: जंगल ओवलेट एक अपेक्षाकृत नई प्रजाति है, जिसका वर्णन केवल 19वीं सदी के अंत में किया गया था।
चित्तीदार उल्लू

- विशिष्ट चित्तीदार पंखों वाला छोटा उल्लू
- शहरी क्षेत्रों सहित विभिन्न आवासों में पाया जाता है
- मज़ेदार तथ्य: चित्तीदार उल्लू भारत में सबसे अधिक पाई जाने वाली उल्लू प्रजातियों में से एक है और अक्सर इसे दिन के दौरान पेड़ों के बिलों में बसेरा करते हुए देखा जाता है।
लंबे कान वाला उल्लू

- विशिष्ट कानों के गुच्छों वाला मध्यम आकार का उल्लू
- जंगलों, घास के मैदानों और रेगिस्तानों में पाया जाता है
- मजेदार तथ्य: लंबे कान वाला उल्लू अपने विस्तृत प्रेमालाप प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है, जिसमें हवाई प्रदर्शन और कॉल शामिल हैं।