हरदोई जिले में सांडी थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में अवैध संबंधों और रुपयों के लेनदेन को लेकर भतीजे ने चाचा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया।
पुलिस ने आरोपी भतीजे को हिरासत में ले लिया है। मृतक के भाई की तहरीर पर भतीजे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मदारपुर निवासी गंगाराम (45) खेती करता था। वह अविवाहित था। पिछले कुछ वर्ष से उसके संबंध पड़ोसी गांव देईचोर निवासी एक महिला से थे। गंगाराम के पास चार बीघा खेती थी।
15 दिन पहले उसने डेढ़ बीघा खेत बेचा था। खेत बेचने से उसे छह लाख रुपये मिले थे। यह रुपये भी उसने देईचोर निवासी महिला को दे दिए थे। खेत बेचे जाने और महिला को रुपये दिए जाने से गंगाराम का भतीजा पवन नाराज था। सोमवार रात पवन ने चाचा गंगाराम को अपने घर बुलाया।
दोनों में हुआ था विवाद
दोनों ने साथ में बैठकर जमकर शराब पी। शराब पीने के दौरान ही रुपयों के लेनदेन और अवैध संबंधों को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी बीच पवन ने पास रखी कुल्हाड़ी से गंगाराम के सिर और पीठ पर वार कर दिया। इसके कारण गंगाराम की मौत हो गई।
गंगाराम का शव मकान के बाहर ही नाली के किनारे डाल दिया। देर रात की घटना की जानकारी पुलिस को हुई, तो रात में लगभग दो बजे पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि आरोपी पवन को गांव से ही हिरासत में ले लिया गया।
मंगलवार सुबह अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सांडी थाने में आरोपी से घटना को लेकर पूछताछ भी की। मृतक के भाई बृजलाल की तहरीर पर भतीजे पवन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गंगाराम पांच भाई थे। सिर्फ एक भाई राज कुमार की शादी हुई थी। सभी भाइयों के हिस्से में चार चार बीघा खेत था। राज कुमार का पुत्र पवन यह उम्मीद पाले था कि गंगाराम का खेत और अन्य संपत्ति भतीजा होने के कारण उसी को मिलेगी।
महिला से हो गए थे अवैध संबंध
पिछले कुछ समय से जब गंगाराम के पड़ोसी गांव की महिला से अवैध संबंध हो गए, तो परिजन चुप रहे, लेकिन जब खेत बेचकर रुपये महिला को दे दिए गए, तो पवन से बर्दाश्त नहीं हुआ। उसकी उम्मीदों पर पानी फिरने लगा तो फिर उसने हत्या कर डाली।