खुशहाल परिवार और एक बुरी लत, जाने मर्डर करने वाले किसान की कहानी

हत्या करने के बाद शख्स ने खुद को भी गोली मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई।

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Sitapur News: यूपी के सीतापुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई। जिस शख्स ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया, वो इसी परिवार का सदस्य था। हत्या करने के बाद शख्स ने खुद को भी गोली मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस को कई नई जानकारियां हाथ लगी हैं। मामले में अभी परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ जारी है।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर पांच मर्डर और एक सुसाइड केस में पुलिस को नई जानकारियां हाथ लगी हैं। पुलिस ने बताया कि अपने ही परिवार के पांच लोगों की हत्या करके सुसाइड करने वाला अनुराग सिंह पेशे से किसान था। वह 100 बीघा से ज्यादा की जमीन का मालिक था। उसकी पत्नी प्रियंका सिंह लखनऊ में एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करती थी।जबकि, तीनों बच्चे सीएमएस मोंटेसरी स्कूल में पढ़ते थे। पुलिस ने बताया कि अनुराग ने हत्याकांड को उस वक्त अंजाम दिया जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था।

बताया जा रहा है कि रामपुर-मथुरा के पल्हापुर में रहने वाला 40 वर्षीय अनुराग शराब पीने का आदी था। वह मानसिक रूप से कमजोर भी था। हालांकि, खेती बाड़ी का काम वो खुद ही संभालता था। उसने दिन को एक ट्रक भरकर तरबूज बेचे। फिर घर लौटा। रात को सभी लोगों ने साथ में डिनर किया। फिर वे लोग सोने चले गए। अल सुबह घर के अंदर से गोलियां चलने की आवाज आने लगी तो अनुराग के भाई की नींद टूट गई। वह दौड़ते हुए नीचे आया। दरअसल, इसी मकान के सेकंड फ्लोर में अनुराग का भाई भी रहता है।

उसके साथ-साथ पड़ोसी भी वहां आ पहुंचे। अंदर का नजारा देख सभी चौंक गए। खून ही खून फर्श पर पड़ा था। अनुराग के पास खून से सनी पिस्टल पड़ी थी। वहीं, बाकियों के शव कमरों में पड़े थे। तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले घर के बाहर खड़ी भीड़ को हटाया। फिर घर से सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, पिस्टल को भी जांच के लिए भेज दिया।

फिलहाल पुलिस का यही कहना है कि युवक नशेड़ी और मानसिक रूप से कमजोर था। इसलिए उसने अपनी मां, तीन बच्चों और पत्नी की हत्या करके आत्महत्या कर ली, लेकिन पड़ोसियों और परिवार की मानें तो अनुराग और उसका परिवार बहुत खुशमिजाज था, लेकिन अनुराग को सिर्फ एक ही बुरी लत थी। वो थी शराब की लत। बस इसी बात को लेकर घर में अनबन रहती थी। ङर वाले उसे नशा मुक्त केंद्र ले जाना चाहते थे। इसी को लेकर रात में भी विवाद हुआ। इसके बाद सुबह पांच बजे अनुराग ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दे डाला। दुखद बात ये है कि अनुराग ने अपने तीन मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा। उनकी उम्र महज 12, 9 और 6 साल थी।

पुलिस ने कहा कि हम हर एंगल से इस मामले की जांच कर रहे हैं। अनुराग की खेती-बाड़ी अच्छी चल रही थी। परिवार के पास पैसों की भी कमी नहीं थी, हो सकता है जांच में कोई और बात भी सामने आए। अनुराग के परिवार वालों और पड़ोसियों से पूछताछ अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है।