देवास: विधायक निधि से निर्मित टैंकर घोटाले की लोकायुक्त में शिकायत

उल्लेखनीय है कि विधायक निधि से निर्मित होने वाले टैंकरों का निर्माण से लेकर सप्लाय करने में एमपी एग्रो की भूमिका रहती है।

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एमपी के देवास में सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट के निवारण हेतु विधायक निधि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में टैंकर दिये जाते है और निसंदेह इस योजना का लाभ भी ग्रामीणों को मिल रहा है। साथ ही विधायक निधि से निर्मित होने वाले इन टैंकरों पर क्षेत्रीय विधायक के नाम लिखे जाते है, जिससे विधायकों को खूब प्रचार-प्रसार मिलता है, किंतु इस योजना का दूसरा पहलू यह भी है कि टैंकर निर्माण में विधायक, ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों द्वारा मिलकर भारी धांधली की जाती है।

इस बात की शिकायत गत दिवस लोकायुक्त पुलिस उज्जैन को की गई है। जिस पर लोकायुक्त उज्जैन ने जांच भी शुरु कर दी है। शिकायतकर्ता नागेंद्र सिंह राजपूत ने अपनी शिकायत में बताया है कि देवास जिले में 100 से अधिक क्रय किए गए है। जिनमें प्रति टैंकर करीब 70 हजार रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। शासन से एक टैंकर के लिए 1 लाख 56 हजार 733 रुपए की राशि आवंटित होती है, किंतु मात्र 85 हजार में घटिया क्वालिटी व कम क्षमता के टैंकरों का निर्माण करवाकर ग्राम पंचायतों को सौंप दिए है।

खास बात यह है कि इन टैंकरों का भौतिक सत्यापन करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम भी रहती है, किंतु बगैर देखे-परखे ही भौतिक सत्यापन कर दिया जाता है। इससे जाहिर होता है कि टैंकर घोटाले में समिति के सदस्यों की भी लिप्तता होती है। उल्लेखनीय है कि विधायक निधि से निर्मित होने वाले टैंकरों का निर्माण से लेकर सप्लाय करने में एमपी एग्रो की भूमिका रहती है।