उत्तर प्रदेश के वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली 27 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर वाराणसी के सभी घाटों पर प्रशासन और समिति के माध्यम से कुल 12 लाख से ज्यादा दिए जगमगाएंगे। वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस देव दीपावली के आयोजन की तैयारियों में जुट गई है। 27 नवंबर को काशी के अर्धचंद्राकार गंगा घाटों पर पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं और सैलानियों का हुजूम उमड़ेगा।
गंगा द्वार के सामने रेत पर ग्रीन आतिशबाजी की तैयारी शुरू हो गई है। 22 सदस्यीय विदेशी आतिशबाजी टीम रविवार को वाराणसी आकर सर्वे करेगी। उपनिदेशक पर्यटन के मुताबिक 23 फीट लंबे इलेक्टि्रक ट्रैक पर 15 मिनट की आतिशबाजी होगी। शिव तांडव स्त्रोत के तबले की धुन पर इलेक्टि्रक ट्रैक से पटाखे आसमान में तरह-तरह के आकार के चित्र दिखेंगे।
चेत सिंह किला व गंगा द्वार की दीवारों पर साउंड एंड लाइट शो और प्रोजेक्शन होलोग्राफिक शो होगा। इसमें पौराणिक नगरी काशी को शिव से जोड़ने वाली कथा भी सुनाई जाएगी। उप निदेशक पर्यटन राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि लगभग 15 से 20 मिनट का यह शो चेत सिंह घाट पर कई बार दिखाया जाएगा, ताकि घाट पर आने वाले सभी श्रद्धालु शो देख सकें।
देव दीपावली के मद्देनजर काशी के 84 गंगा घाटों को नौ जोन, 11 सेक्टर और 32 सब सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचा गया है। अत्यधिक भीड़ वाले घाटों पर क्यूआरटी की 20 टीम तैनात रहेंगी। 11 विशेष टीमें लाउडहेलर के साथ घाटों पर पेट्रोलिंग करेंगी। 17 प्रमुख घाटों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड की टीमें रहेंगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 11 पिंक बूथ बनेंगे।
राजघाट, नमोघाट, रामनगर के हनुमान मंदिर, बंगाली टोला इंटर कॉलेज, डुमराव बाग, गोदौलिया चौराहा और रामापुरा चौराहा पर इंटीग्रेटेड इमरजेंसी हेल्पडेस्क बनेगी। इसके अलावा एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड के कमांडो भी तैनात किए जाएंगे। गंगा में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 16 गोताखोरों के दस्ते के अलावा 11 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम वाटर एंबुलेंस के साथ तैनात रहेगी।