9 फरवरी को दिल्ली के नांगलोई इलाके में 11 साल की एक बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है। दरअसल, लड़की की मां के फोन आए एक मिस्ड कॉल की मदद से पुलिस अपराधी तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस ने बताया कि 21 वर्षीय रोहित उर्फ विनोद ने बच्ची की हत्या की थी और उसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है। लड़की की मां ने कहा कि 9 फरवरी को उनकी बेटी सुबह करीब 7.30 बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। उसका भाई उसे स्कूल छोड़ने जाता था, लेकिन उस दिन वह बस से चली गई। रात 11 बजे तक जब वह नहीं लौटी तो हमने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
लड़की की मां ने कहा कि लगभग 11.50 बजे एक मिस्ड कॉल आई थी। जब उन्होंने वापस नंबर पर फोन किया तो नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। हमने पुलिस को कॉल के बारे में बताया और पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबर के आधार पर, पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। 12 दिनों की जांच के बाद आरोपी विनोद पुलिस के हाथ चढ़ा।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध को कबूल किया और खुलासा किया कि उसने 9 फरवरी को लड़की को मार डाला और घेवरा मोर के पास शव को डंप किया।
लड़की की मां ने कहा कि वह चार भाइयों में से एकमात्र बहन थी। घर में हर कोई उसे बहुत प्यार करता था। लड़की के पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता चला था। जिसकी मदद से आरोपी को 21 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने खुलासा किया कि वह 9 फरवरी को लड़की से मिला था।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित की मां के मोबाइल पर ‘मिस्ड कॉल’ की वजह से ये केस हल हो सकता है। हत्या क्यों की गई इसका पता नहीं चल सका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा की लड़की के साथ रेप किया गया था या नहीं। मामले की जांच जारी है।