रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर है| तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इंडिया और चीन के सैनिकों के मध्य झड़प के एक महीने बाद उनका यह पहला दौरा है|
आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर कहा कि, मुझे अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और मिजोरम के रिमोट और दुर्गम जगहों पर स्थित मेडिकल इंस्पेक्शन रूम में तीन टेलीमेडिसिन नोड्स का उद्घाटन करते हुए काफी ख़ुशी महसूस हो रही है|
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ@2047 विजन दस्तावेज लागु किया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियांग में कहा कि, आज सीमा सड़क संगठन द्वारा देश के सीमावर्ती क्षेत्रो में निर्मित 28 मूलढ़ांचा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करते हुए बेहद ख़ुशी और गौरव महसूस हो रहा है और इसी के संग बीआरओ@2047 विजन दस्तावेज लागु करना भी मेरे लिए सौभाग्य की बात है|
हाल में बीआरओ [BRO] ने जिस भावना और गति के साथ विकास कार्यों को अंजाम दिया है| वह वाकई क़ाबिले तारीफ है, ज्यादा से ज्यादा सीमावर्ती इलाको को कनेक्ट करने की योजना सरकार की प्राथमिकता में रही है| यह योजना इसलिए प्राथमिक है क्योकि वहां रह रहे लोगों के विकास के साथ-साथ उनमें व्यवस्था के प्रति विश्वास की कल्पना भी डेवलप हो सके| इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सेना और देश की जनता को साथ मिलकर आगे बढ़ते देख रहा हूं, तो मैं कह सकता हूं कि तब मैंने BRO को ‘ब्रो’ यानि ‘Brother’ गलत नहीं, बिलकुल सही पढ़ा था|
बीआरओ, यानि हमारी सेनाओं का ‘ब्रो’, बीआरओ यानि हमारे देशवासियों का ‘ब्रो‘ बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन’ के नाम को, जब मैंने पहली बार छोटे अक्षरों में लिखा देखा था, तो मैंने उसे ‘ब्रो’ समझा था| जिसे आज के युवा पीढ़ी ‘Brother’ यानि भाई के सेंस में उपयोग करती है, फिर मुझे बताया गया कि यह ‘ब्रो’ नहीं बल्कि BRO लिखा है|
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि, मुझे पूर्ण भरोषा है की बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन, राष्ट्र निर्माण के अपने कोशिशों में सफलता प्राप्त करेगा और भविष्य में देश के बढ़ते कदम में एक अहम योगदान देगा|