Dattatreya Hosabale: ना तो RSS दक्षिणपंथी हैं और ना ही वामपंथी

आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने बुधवार को कहा कि, संगठन के कार्यकर्ता न तो दक्षिणपंथी हैं और न ही वामपंथी।

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आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले (Dattatreya Hosabale) ने बुधवार को कहा कि, संगठन के कार्यकर्ता न तो दक्षिणपंथी हैं और न ही वामपंथी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता राष्ट्रवादी हैं। एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की तरफ़ से बुधवार को आयोजित “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: काल, आज और कल” विषय पर दीनदयाल स्मारक व्याख्यान में दत्तात्रेय होसबोले (Dattatreya Hosabale) ने कहा कि, ‘हम न तो दक्षिणपंथी हैं और न ही वामपंथी। हम राष्ट्रवादी हैं। संघ केवल राष्ट्र के हित में काम कर रहा है।’

महासचिव दत्तात्रेय होसबोले (Dattatreya Hosabale) ने कहा कि, भारत में रहने वाले सभी लोग हिंदू हैं, क्योंकि उनके पूर्वज हिंदू थे। उनकी पूजा का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन उन सभी का डीएनए (DNA) एक ही है। उन्होंने कहा कि, “संघ केवल शाखा लगाएगा, लेकिन संघ के स्वयंसेवक सभी काम करेंगे। सभी के सामूहिक प्रयास से ही भारत विश्व गुरु बनकर विश्व का नेतृत्व करेगा। संघ सभी को मानता है, भारत के धर्म और संप्रदाय एक हैं।”

दत्तात्रेय: कोई भी आपदा आती है, तो संघ के स्वयंसेवकों को ही याद किया जाता है

उन्होंने आगे कहा कि, “लोग अपने पंथ की बातों को रखते हुए संघ कार्य कर सकते हैं। संघ कठोर नहीं, बल्कि लचीला है। संघ को समझने के लिए हृदय की आवश्यकता नहीं है। केवल मन काम नहीं करता। हृदय और मन को बनाना संघ का कार्य है। जानिए, जीवन क्या है और जीवन का लक्ष्य क्या है।” आरएसएस (RSS) महासचिव ने कहा कि, “संविधान अच्छा है और उसे चलाने वाले खराब हैं, तो संविधान भी कुछ नहीं कर सकता।”

उन्होंने कहा, “यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि हमारी अगली पीढ़ी सामाजिक कलंक को आगे नहीं ले जाए। इसलिए पर्यावरण की रक्षा के लिए जल, भूमि और वनों की रक्षा करनी होगी। भारत की अस्मिता और अस्तित्व के लिए हमें समाज को सक्रिय रखना है।” दत्तात्रेय होसबोले (Dattatreya Hosabale) ने आगे कहा कि, देश में लोकतंत्र की स्थापना में आरएसएस की भूमिका रही है। यह तथ्य विदेशी पत्रकारों की ओर से लिखा गया था। तमिलनाडु में धर्मातरण के खिलाफ हिंदू जागरण का शंखनाद हुआ। आरएसएस (RSS) महासचिव ने कहा कि आज संघ देश में सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में सक्रिय है, कोई भी आपदा आती है, तो संघ के स्वयंसेवकों को ही याद किया जाता है।