धर्म की नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ा जनसैलाब

0
36

Varanasi: धर्म की नगरी काशी (Kashi) में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के मौके पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। काशी के गंगा तट पर लाखो की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, केदार घाट, राजघाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। श्रद्धालु गंगा में स्नान ध्यान करने के बाद आचमन करते हुए अपने श्रद्धा अनुसार ब्राह्मण एवं निर्धन व्यक्तियों को दान कर रहे हैं। इसके अलावा बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं लंबी कतार लगी हैं।

कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) को लेकर विभिन्न मान्यताएं को लेकर पुराणों में वर्णित है कि आदिकाल में त्रिपुरासुर नामक राक्षस का आतंक व्याप्त था। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने प्रदोष काल में अर्धनारीश्वर का रूप लेकर त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इस अवसर पर भगवान विष्णु ने भगवान शंकर को त्रिपुरारी नाम दिया। जोकि महादेव के विभिन्न नामों में से एक है। त्रिपुरासुर के वध से सभी देवी देवता प्रसन्न हुए और भगवान शंकर की प्रिय नगरी काशी में आकर गंगा किनारे दीप जला दीपावली मनाई। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर दीप जलाने की परंपरा काशी में अनवरत चली आ रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन देव-दीपावली के अवसर पर साक्षात देवतागण स्वर्ग से उतरकर काशी में दीपावली मनाने आते हैं। तो वही इस पर्व को भगवान विष्णु के प्रथम अवतार यानी मत्स्य अवतार के रूप में भी मनाया जाता है। आदिकाल में वेदों की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने मत्स्य का अवतार लिया था। जोकि उनका पृथ्वी पर प्रथम अवतार था।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान से अपने पापों की मुक्ति मिलती है। देव दीपावली पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सभी तैयारियां मुस्तैद कर रखी है। घाटों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती है। तो वहीं गंगा नदी में एनडीआरएफ व जल पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ लगातार निगरानी एवं गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा मैदागिन से लेकर सोनारपुरा चौराहे तक भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे लगाया गया है। भीड़ को नियंत्रित एवं शहर के ट्रैफिक व्यवस्था व कानून व्यवस्था संभालने में जिले की फोर्स की मदद कर रहे हैं।