Hardoi: हरदोई जनपद के पाली कस्बे में पंथवारी देवी मंदिर (Panthwari Devi temple) में शारदीय नवरात्र के पहले दिन ही भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। ऐसा माना जाता है कि पंथवारी देवी मंदिर (Panthwari Devi temple) में जो भी भक्त श्रद्धा से जाता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। मंदिर के पुजारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पाल शासको के द्वारा पाली कस्बा बसाया गया था। उसी दौरान अलाउद्दीन खिलजी के द्वारा यहां के राजा पर हमला किया गया था। युद्ध क्षेत्र में यहां के राजा को वीरगति प्राप्त हुई थी. जिसके बाद उनकी पत्नी ने अलाउद्दीन खिलजी के सिपाह सलाहकारों से युद्ध किया। युद्ध में राजा की पत्नी ने चार सिपाह सलाहकारों को मौत के घाट उतार दिया। युद्ध के दौरान ही रानी ने यहां पर वीरगति प्राप्त की थी, जिसके बाद यहां पर मंदिर की स्थापना हुई और आज भी यहां के लोग पंथवारी देवी के नाम से इस मंदिर को जानते हैं।
स्थानीय पुजारी के अनुसार इस मंदिर की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत से पहले की गई थी। अंग्रेजी शासन काल के दौरान इस मंदिर पर अंग्रेजों ने कई बार हमला किया। अंग्रेजों के द्वारा हमला करने के बावजूद भी यहां पर अंग्रेजी शासको के सैनिकों ने पंथवारी देवी मंदिर पर विजय हासिल नहीं कर पाई थी।
हरदोई जनपद के जिला मुख्यालय से पंथवारी देवी का मंदिर (Panthwari Devi temple) लगभग 55 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर में दूर दराज के श्रद्धालु आते हैं। जो भी श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं माँगते है उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।