BSP प्रमुख मायावती (Mayawati) ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को उन्होंने कहा कि विधेयक में कई प्रावधान ऐसे हैं जिससे महिलाओं को लाभ मिलने में 15-16 साल लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधेयक को जनगणना और परिसीमन को पूरा करने के बाद लागू करने की बात कही गई है। सरकार को ये प्रावधान हटाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही आरक्षण नहीं देना चाहती हैं। यह बिल महिलाओं को प्रलोभन देने और आंखों में धूल झोंकने वाला है। मायावती ने कहा कि अभी तक जनगणना नहीं हुई है और परिसीमन होने में भी कई साल लग जाएंगे। उन्होंने ओबीसी समाज की महिलाओं के लिए आरक्षण में अलग से कोटा तय करने की मांग की है।