Blind Murder Case: एडीजे कोर्ट सिकराय ने ब्लाइंड मर्डर (Blind Murder Case) के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस आरोपी ने हत्या को अंजाम देने के अलावा कानून को गुमराह करने की साजिश रची। दरअसल, दौसा में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर दुब्बी टोले के पास दो जुलाई 2019 को एक व्यक्ति ने कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। जैसे ही आसपास के लोग पहुंचे तो कार के अंदर एक जला हुआ शख्स, और आरोपी फरार हो चुका था।
पुलिस ने आसपास सर्च अभियान शुरू किया और जयपुर के रहने वाले रूप सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। कड़ी पूछताछ की तो सामने आया कि रूप सिंह और मृतक गब्बू सिंह के बीच शराब के नशे में जयपुर में झगड़ा हुआ था और जयपुर में ही आरोपी ने गब्बू सिंह की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद गब्बू सिंह की लाश को रूप सिंह कार में रखकर लाया और दौसा के दुब्बी के पास कार सड़क किनारे खड़ी करके उसमें आग लगा दी ताकि गब्बू की मौत एक हादसा नजर आए।
पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना
इस पूरी साजिश में चूक यह हो गई कि यह पूरा घटनाक्रम एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। वहीं पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने भी इस वारदात को देखा, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
इधर एडीजे कोर्ट में ब्लाइंड मर्डर (Blind Murder Case) मामला पिछले 5 सालों से चल रहा था। तमाम गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर सिकराय कोर्ट के एडीजे प्रदीप कुमार ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जयपुर के रहने वाले रूप सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में अपर लोक अभियोजक ताराचंद गुर्जर ने पूरे मामले की पैरवी की थी।