Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौसाम्बी जिले में एक पखवारे से जिला पंचायत में चल रही खींचतान अपने पूरे चरम पर है और माना जा रहा है कि अब जल्द ही इस पूरे परदे के पीछे चल रहा खेल सामने आ जाएगा। सत्तादल भारतीय जनता पार्टी जिले में दो खेमों में बटा हुआ नजर आ रहा है। इसी का असर होगा कि मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष जो कि सत्तादल का है धारासाई हो सकता है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पर्दे के पीछे से सिराथू विधानसभा चुनाव में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस पटकथा के लायक की ही ताजपोशी की तैयारी सत्तादल के एक खेमें ने कर लिया है।
जिले में इस समय राजनीति पूरे चरम पर है। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खींचातान पूरे जोरों पर थी गत दिनों में इसके लिए जिला पंचायत सदस्यों ने जिला मुख्यालय परेड भी किया था। जिसके लिए जिला अधिकारी ने 2 अगस्त के दिन हस्ताक्षर मिलान के लिए सदस्यों को दिया था। पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को 26 जिला पंचायत सदस्यों में से 20 में जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर अपना हस्ताक्षर मिलान कराया। तो अब जिले में यह चर्चा का विषय बन गया है।
मन जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी इन दोनों दो खेलों में बैठे हुए जहां एक खेमा मौजूद जिला पंचायत के पक्ष में था तो दूसरा इसका विरोध करता दिखाई दे रहा था। जिसका फायदा अब सप्ताह के विरोधी भी उठाने को तैयार बैठे दिखाई दे रही है। दूसरा पक्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बड़े दल के प्रत्याशी को जिले के प्रथम नागरिक के रूप में देखना चाह रहा है। वही यह भी कहा जा रहा है कि यही प्रत्याशी सत्ता दल के डिप्टी सीएम को मुंह की दिखाने का पटकथा लेखक भी रहा है। ऐसे उक्त प्रत्याशी के नाम की चर्चा भाजपा के बीच में मची कल को दिखा रहा है। राजनीति के इस अखाड़े में अभी सब कुछ भविष्य के गर्भ में है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर पूरा घटनाक्रम सब कुछ साफ-साफ सामने आ जाएगा।