अयोध्या (Ayodhya) के भव्य राम मंदिर (Ram temple) में राम लला (Ram Lala) की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राम मंदिर (Ram temple) के गर्भ गृह में राम लला (Ram Lala) की प्राण प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को हो सकती है। यानि की साल 2024 में राम लला (Ram Lala) अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। बता दें कि, अयोध्या (Ayodhya) में मंदिर के निर्माण के लिए पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा भूमिपूजन किया गया था। अब बताया जा रहा है कि, 22 जनवरी, 2024 को मंदिर के गर्भ गृह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
योगीराज तय करेंगे कि वह किस पत्थर पर मूर्ति बनाएंगे:प्रसन्नाचार्य
गौरतलब है कि, अयोध्या (Ayodhya) में निर्माणाधीन राम मंदिर के मूल गर्भगृह में राम लला (Ram Lala) की बाल्यकाल की पांच फुट ऊंची, धनुर्धारी रूपी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। राम लला की ये मूर्ति कर्नाटक से लाई गई ‘कृष्ण शिला’ को तराश कर बनाई जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य, उडुप्पी के संत स्वामी तीर्थ प्रसन्नाचार्य ने अनुसार, “भगवान राम की नई प्रतिमा पांच फुट ऊंची होगी। खड़ी मुद्रा वाली यह प्रतिमा धनुष बाण लिए हुए पांच साल के बच्चे के रूप में होगी।” प्रसन्नाचार्य ने कहा कि, “मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज, अयोध्या में कर्नाटक के करकर गांव और हेगे देवेन कोटे गांव से लाई गई कृष्ण शिलाओं को प्रतिमा बनाने के लिए तराशेंगे। योगीराज तय करेंगे कि वह किस पत्थर पर मूर्ति बनाएंगे।”
‘केवल एक, खड़ी मुद्रा वाली प्रतिमा बनाई जानी चाहिए’
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया, “हमें शीर्ष संतों और हिंदू विद्वानों से सुझाव मिले हैं कि राम लला की प्रतिमा उनके बाल्यकाल की, करीब 5-6 साल के बच्चे की तरह होनी चाहिए। विचार यह है कि केवल एक, खड़ी मुद्रा वाली प्रतिमा बनाई जानी चाहिए।” चम्पत राय ने कहा कि, “शीर्ष संतों, भूवैज्ञानिकों, मूर्तिकारों, हिंदू धार्मिक ग्रंथों के विशेषज्ञों, इंजीनियरों और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के एक उच्च स्तरीय दल ने चट्टानों पर गहन तकनीकी और धार्मिक अध्ययन किया जिसके बाद प्रतिमा निर्माण के लिए कृष्ण शिला का चयन किया गया। अगले साल मकर संक्रान्ति पर्व पर मंदिर के मूल गर्भगृह में राम लला की नयी प्रतिमा की स्थापना के लिए श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।