चोट के कारण पिछले संस्करण से चूकने के बाद, भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के हांगझू में आयोजित होने वाले एशियाई खेल 2023 में इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। मीराबाई चानू पूर्व विश्व भारोत्तोलन चैंपियन, राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता हैं, लेकिन हांग्जो 2023 में एशियाई खेलों में पदार्पण करेंगी। चानू पहली बार एशियाड में अपनी चुनौती पेश करेंगी।
महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में करेंगी प्रतिस्पर्धा
पहली बार में अच्छा प्रभाव डालने के लिए दृढ़ संकल्पित मीराबाई ने एशियाई खेलों के लिए फिट रहने के लिए विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2023 को भी छोड़ दिया। मीराबाई चानू महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता बिंद्यारानी देवी महिलाओं के 55 किग्रा वर्ग में भार उठाएंगी। 19वें एशियाई खेलों में भारत के पास केवल दो भारोत्तोलक हैं। एशियाई खेलों में भारोत्तोलन 30 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ज़ियाओशान स्पोर्ट्स सेंटर जिम्नेजियम में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं सात पुरुष और सात महिला वर्गों में आयोजित की जाएंगी।
चानू पर 90 किलो वजन उठाने का दवाब
मीराबाई चानू महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में प्रबल दावेदार रही हैं लेकिन स्नैच में 90 किग्रा का वजन उठाने वाले वेटलिफ्टर्स की संख्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में उन पर 90 किलो वजन उठाने का दवाब बढ़ता जा रहा है। मीराबाई 2019 से ही स्नैच में इस वजन को उठाने के लिए काम कर रही हैं लेकिन पिछले चार वर्षों में दो प्रयासों में वह विफल रही हैं। ऐसे में मीराबाई एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने की चुनौती आसान नहीं लग रही है।
वेटलिफ्टिंग में 72 साल से गोल्ड का इंतजार
भारतीय खिलाड़ी पर 90 किलो वजन उठाने का दवाब बढ़ता जा रहा है, वह 2019 से ही स्नैच में इस वजन को उठाने के लिए काम कर रही हैं लेकिन पिछले चार सालों में दो प्रयासों में वह विफल रही हैं। भारतीय वेटलिफ्टर्स की बात करें तो वह विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा चुके हैं, मगर एशियाड के 72 साल के इतिहास में आज तक गोल्ड नहीं मिला है। पिछले 25 साल से वेटलिफ्टिंग में भारतीय वेटलिफ्टर ने एशियाड में कोई पदक भी नहीं जीता है। आखिरी बार 1998 में बैंकाक में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था।
इन पर है दारोमदार
मीराबाई चानू के अलावा 55 किलो वर्ग में बिंदियारानी देवी भी अपनी चुनौती पेश करेगी। 37 साल से वेटलिफ्टिंग में कोई भी पुरुष खिलाड़ी ने हिस्सा नहीं लिया है। इस बार भी इसमें कोई पुरुष खिलाड़ी नहीं है।