असदुद्दीन ओवैसी पर हुए हमले के दोनों आरोपी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

हापुड़ के एसपी दीपक भुकेर की तरफ से ये जानकारी दी गई है. इससे पहले पुलिस दोनों से पूछताछ पूरी कर चुकी थी

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attack on Asaduddin Owaisi arrested

एआईएमआईएम चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कार पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों सचिन पंडित और शुभम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इन दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को जेल भेजने का फैसला सुनाया।

पुलिस ने बताया क्यों हुआ था हमला

हापुड़ के एसपी दीपक भुकेर की तरफ से ये जानकारी दी गई है. हालांकि इससे पहले पुलिस दोनों से पूछताछ पूरी कर चुकी थी। यूपी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया था कि, पूछताछ के बाद जो जानकारी सामने आई है, उसके हिसाब से ये लड़के असदुद्दीन ओवैसी के एक धर्म विशेष के प्रति भाषण देने की शैली से आहत थे। इन दोनों ने बताया है कि उन्होंने इसी वजह से इस घटना को अंजाम दिया. उन्होंने ये भी बताया कि घटना में इस्तेमाल होने वाला हथियार और कार बरामद कर ली गई है.

बता दे कि, आरोपी सचिन पंडित ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना का रहने वाला है। सचिन के पिता विनोद पंडित प्राइवेट कंपनि में ठेकेदार हैं। आरोपी सचिन पंडित ने भाजपा की सदयस्ता ग्रहण की हुई थी, जिसकी स्लिप सचिन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। सचिन पंडित की तस्वीरे सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, सांसद महेश शर्मा सहित अन्य कई बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीर वायरल हो रही है। उसने सोशल मीडिया पर उनके साथ ली हुई तस्वीर शेयर की है।

वहीं दूसरा आरोपी शुभम यूपी के सहारनपुर जिला का रहने वाला है। शुभम दसवीं पास विद्यार्थी है और खेती करता है। पुलिस की की जांच में शुभम का कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड (Crimnal Background) नहीं निकला है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टा व अन्य सोशल मीडिया पर ये ओवैसी भाइयों के भाषण सुनते थे और उनसे बेहद नफरत करते थे तथा उनके लिए गलत अल्फाज़ का भी इस्तेमाल करते थे।

दोनों आरोपी के पास से कंट्री मेड मुंगेर टाइप पिस्टल मिली है। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनो ने हाल ही में किसी से पिस्टल खरीदा था। दरअसल कुछ लोगों के नाम भी सामने आए है। जिनसे उन्होंने असलहा खरीदा था। पुलिस ने कहा कि, उन लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

एफबी (FB) पर सचिन हिंदू नाम से प्रोफाइल है

सचिन की Facebook प्रोफाइल सचिन हिंदू नाम से है। जिसमें उसने अपने आप को हिन्दू संगठन का सदस्य और हिंदुत्ववादी बताया है। पुलिस की जांच से यह साफ हो जाएगा कि, आखिर सचिन पंडित किस हिंदू संगठन से जुड़ा हुआ है। आज 12 बजे के बाद यूपी के हापुड़ कोर्ट में दोनों आरोपी सचिन और शुभम् को पेश किया जाएगा। बता दे कि ,पुलिस इनकी कस्टडी की मांग करेगी,और आज पुलिस इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी।

वही असबदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वाला आरोपी सचिन के घरवालों से गुरुवार की रात पांच घंटे ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पूछताछ की है। पूछताछ से पता चला कि, सचिन पंडित के पिता विनोद पंडित लगभग 20 से 25 प्राइवेट कंपनियों में ठेकेदारी का काम करते है। जिसमें वह कंपनियों को लेबर प्रोवाइड कराते है।हालाकि विनोद पंडित का बेटा आरोपी सचिन भी उनके साथ ही काम करता है।

आरोपी के पिता ने कहा कि, कल सुबह करीब 8 बजे वह घर से यह बोलकर निकला था कि, मैं कंपनी में कुछ बात करने के लिए जा रहा हूं। उन्होंने आगे कहा की वह करीब दो-तीन दिनों से थोड़ा परेशान भी दिख रहा था। मैंने उससे कई बार पूछने की कोशिश की, लेकिन वह मेरी बातो को सुनी अनसुनी कर देता था।

गुरुवार शाम असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि, मेरठ से लौटते वक्त उनकी गाड़ी पर 4 राउंड फायरिंग की गई है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन पर मेरठ से लौटते वक्त फायरिंग की गई। उन्होंने बोला कि, सबको पता था कि मैं मेरठ से दिल्ली के लिए रवाना हो रहा हूं।

आगे उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि, टोल प्लाजा के पास गाड़ी धीरे हो जाती है, और ये बात हमलावर को बखूबी पता थी। तभी उसने मौके का फायदा उठा कर मुझपर हमला किया और गोली चलाई। उन्होंने कहा की जब हमलावरों ने गोली चलाई तब हमारे ड्राइवर ने समझदारी दिखाते हुए, तुरंत गाड़ी भगा ली। ओवैसी ने कहा कि, इन लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए इन्होंने मेरी जान लेने की कोशिश की है।

हमला होने के विरोध में आज पूरे देश में प्रदर्शन

असदुद्दीन ओवैसी पर हुए हमले के विरोध में पार्टी के सदस्य आज (शुक्रवार) देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान डीएम (DM) या आयुक्त को ज्ञापन देकर ओवैसी पर हुए हमले के जांच की मांग की जाएगी। औरंगाबाद से AIMIM सांसद इम्तियाज जलील ने यूपी में होने वाली असदुद्दीन ओवैसी की जनसभाओं के लिए कड़ी सुरक्षा की मांग की है।